संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नागरिक अस्पताल में सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।हरियाणा बोर्ड कारपोरेशन ने लगभग चार करोड़ रुपये का टेंडर लगाया है।
टेंडर की अवधि तीन वर्ष तक रहेगी और अस्पताल के वार्डों, ओटी, आईसीयू, सार्वजनिक शौचालयों और पूरे परिसर की नियमित व गुणवत्तापूर्ण सफाई की जाएगी। वहीं, ऑटोमेटेड सफाई सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और इसके लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा।
टेंडर का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में संक्रमण की रोकथाम, मरीजों और तीमारदारों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना व स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
टेंडर के तहत अस्थाई सफाई के साथ विभिन्न क्षेत्रों के लिए विस्तृत सफाई शेड्यूल तय किया गया है। टेंडर शर्तों के अनुसार सार्वजनिक क्षेत्र के शौचालयों में हर दो घंटे में सामान्य सफाई की जाएगी। इसमें कीटाणुनाशक या स्वास्थ्य विभाग की ओर से अनुमोदित एजेंट का उपयोग होगा।
शौचालय और वॉश बेसिन की सफाई घंटों के अनुसार व आवश्यकता पड़ने पर की जाएगी। कचरा दिन में तीन बार या बैग भरने पर हटाया जाएगा जो बायो-मेडिकल वेस्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार होगा। सूखा पोंछा और धूल झाड़ने का कार्य दिन में तीन बार होगा जबकि पोंछा लगाने में अनुमोदित कीटाणुनाशकों का उपयोग अनिवार्य होगा।
सफाई को लेकर विशेष सतर्कता
ऑपरेशन थिएटर क्षेत्र में सफाई को लेकर विशेष प्रावधान किए गए हैं। यहां कचरा हटाने, सूखा पोंछा, डस्टिंग और पोंछा लगाने का कार्य मामले और आवश्यकता के अनुसार किया जाएगा। शौचालय और वॉश बेसिन की सफाई भी जरूरत के मुताबिक की जाएगी। सभी गतिविधियों में केवल स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा की ओर से अनुमोदित रसायनों का ही प्रयोग होगा ताकि संक्रमण का खतरा न्यूनतम रहे।
आईसीयू में हर पांच घंटे पर सफाई
आईसीयू में सख्त सफाई शेड्यूल बनाया गया है। यहां कचरा दिन में चार से पांच बार या बैग तीन-चौथाई भरने पर हटाया जाएगा। सूखा पोंछा, डस्टिंग और पोंछा हर पांच घंटे में व आवश्यकता अनुसार किया जाएगा। वॉशरूम और वॉश बेसिन की सफाई भी हर पांच घंटे में जर्मिसाइड या अनुमोदित एजेंट से होगी। अस्पताल के वार्ड क्षेत्रों में कचरा दिन में चार से पांच बार हटाया जाएगा। सूखा पोंछा और डस्टिंग दिन में चार बार होगी जबकि पोंछा लगाने और वॉशरूम की सफाई भी दिन में चार बार की जाएगी।
अतिरिक्त शर्तें और तकनीकी प्रावधान
टेंडर में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वचालित हाउसकीपिंग के लिए विस्तृत तकनीकी कार्यक्रम का पालन करना अनिवार्य होगा। उपयोग किए जाने वाले रसायनों की सूची, उनके ब्रांड और मेक का विवरण टेंडर फॉर्म में संलग्न करना होगा। केवल अनुमोदित गुणवत्ता की सामग्री और रसायनों का उपयोग किया जाएगा व उनकी खपत निर्माता के निर्देशों के अनुसार नियंत्रित की जाएगी।
मरीजों को सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण मिलेगा
एजेंसी की ओर से खरीदी गई सभी मशीनें ठेकेदार की संपत्ति होंगी और उनका रखरखाव एजेंसी को अपने खर्च पर करना होगा। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस टेंडर से अस्पताल की सफाई व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा और मरीजों को सुरक्षित व स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
अस्पताल में बेहतर साफ सफाई के लिए मुख्यालय की तरफ से क्षेत्रफल की जानकारी मांगी गई थी। वह उसी दौरान उपलब्ध करवा दी गई थी। अब इसके लिए चार करोड़ रुपये का टेंडर लगाया है। इससे अस्पताल में साफ सफाई को लेकर मरीजों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।