दनौदा गांव में महापंचायत को संबोधित करते यशपाल मलिक।
- फोटो : bureau
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जाट समुदाय भाईचारे से आरक्षण चाहता है, लेकिन सरकार गुजरात जैसे हालात पैदा करना चाहती है। गुजरात में भाजपा नेताओं को पिंजरे में घुसकर भाषण देना पड़ा था। अगर हरियाणा में जाटों के आरक्षण की पैरवी नहीं की तो उतर प्रदेश, पंजाब में भी भाजपा नेताओं को पिंजरों की जरूरत पड़ सकती है। मलिक शुक्रवार को गांव दनौदा के ऐतिहासिक चबूतरे पर आयोजित महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जींद में 11 सितंबर को होने वाली भाजपा की रैली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जाट आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करें। सरकार जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान किए गए वादे से पीछे हट रही है। वादे के मुताबिक सरकार जल्द जाट आरक्षण की बहाली के लिए कदम उठाए और जेल में डाले गए जाट युवाओं को रिहा करे। मलिक ने कहा कि जाट आरक्षण किसी खाप की लड़ाई न होकर पूरे देश के जाटों की लड़ाई है। यह सबको मिलकर लड़नी होगी। जाटों के संघर्ष को उन्होंने जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, गुजरात तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि राज करने वाले साजिश कर्ता होते हैं। सरकार ने सांसद राजकुमार सैनी को खुला छोड़ दिया, ताकि वह जाटों के खिलाफ जहर उगलें और दूसरी जातियों को जाटों के खिलाफ खड़ा करें। लेकिन, जाट समुदाय हमेशा ही 36 बिरादरी को लेकर साथ चला है। सैनी के माध्यम से सरकार भाईचारे को बिगाड़ने का जो प्रयास कर रही है उसे जाट किसी भी सूरत में सफल नहीं होने देंगे।
एचसीएस में जाटों की जनसंख्या के अनुसार मिला हक
सांसद राजकुमार सैनी के एचसीएस में 52 में से 22 जाट युवाओं के चयन संबंधी बयान पर मलिक ने कहा कि जाट युवाओं की एक तिहाई पदों पर नियुक्ति होना कोई गलत नहीं है और इससे किसी को नाराज भी नहीं होना चाहिए। क्योंकि हरियाणा में जनसंख्या के हिसाब से जाटों की संख्या एक तिहाई है।
13 सितंबर को मय्यड़ में लिया जाएगा अगला फैसला
यशपाल मलिक ने कहा कि 13 सितंबर को सुनील श्योराण के शहादत दिवस पर मय्यड़ में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में ही आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। 13 सितंबर को आंदोलन की शुरुआत तो नहीं की जाएगी, लेकिन उस दिन आंदोलन के बारे में घोषणा जरूर की जाएगी।
भाजपा रैली का कोई विरोध नहीं
कल जींद में होने वाली भाजपा की गौरव रैली पर यशपाल मलिक ने कहा कि हमारी परंपरा मेहमान नवाजी की रही है। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि यह रैली हरियाणा के एक सम्मानित व्यक्ति द्वारा आयोजित की जा रही है। इसलिए जाट समुदाय रैली का विरोध नहीं करेगा, लेकिन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जाट आरक्षण के लिए अपना मुंह खोलें, वरना हरियाणा व यूपी में उनकी हालत गुजरात जैसी हो जाएगी, जहां उन्हें पिंजरे में खड़े होकर भाषण देना पड़ रहा है।