पशुपालकों को अब पशुओं को हिसार या अन्य बड़े अस्पताल में ले जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। अब जिला मुख्यालय पर ही पशुओं के इलाज के लिए उच्च स्तर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सफीदों रोड पर 43.54 करोड़ की राशि से बने वेटरनरी पोलीक्लिनिक कॉलेज बनकर तैयार है। जिला प्रशासन द्वारा पोलिक्लिनिक के उद्घाटन की मंजूरी के लिए मुख्यालय केस भेजा गया है। डीसी विनय सिंह ने बताया कि वेटरनरी पोलीक्लिनिक के इस दो मंजिला भवन में पशु उपचार की सभी सुविधाएं एक छत के नीचे सुलभ हो गई हैं। पशु पालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए अन्य बड़े अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। भवन के प्रथम तल पर सभी प्रकार की लैब स्थापित की गई है। पशु सर्जरी व ऑपरेशन थियेटर और पशु प्रसव की सुविधा भी यहां उपलब्ध हो जाएंगी। यहां बड़ी एक्स-रे मशीन लगाई गई हैं, जिसमें छोटे व विशाल आकार के पशुओं का सहजता से एक्स-रे हो सकेगा। इस पोलीक्लिीनिक के दूसरे तल पर सभी पशु चिकित्सों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। सघन पशुधन विकास परियोजना के उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस वेटनरी पोलिक्लीनिक में भैंस या गाय के बच्चा पैदा होते वक्त आने वाली दिक्कतों (ऑल आना) का भी पूर्ण इलाज हो सकेगा। जींद भैंस को मुर्राह नस्ल के लिए जाना जाता है। इस पोलीक्लिनिक के शुरू होने से पशुधन के विकास को बढ़ावा मिलेगा।