जींद। ग्रामीण सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर 23 जून को पंचायत मंत्री महिपाल ढांडा के आवास के बाहर प्रदर्शन करेंगे। इसे लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने मंगलवार को गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया।
यूनियन के जिला सचिव पवन कुमार ने बताया कि गत वर्ष ग्रामीण सफाईकर्मियों ने अपनी मांग और मुद्दों को लेकर 53 दिन तक हड़ताल की थी। 28 व 29 नवंबर को पंचकूला में दो दिवसीय महापड़ाव डाला गया था। इस महापड़ाव के कारण 29 नवंबर को पंचायत विभाग के अधिकारियों और यूनियन के बीच कई मांगों पर सहमति बन गई थी। उनकी मुख्य मांग ग्रामीण सफाईकर्मियों को पक्का कर्मचारी का दर्ज दिलवाने की थी। इसके अलावा मानदेय में वार्षिक बढ़ोतरी करने, सफाई कर्मचारियों की नई भर्ती करने, मानदेय 14 से 17 हजार रुपये करने, साप्ताहिक अवकाश के अलावा 10 अतिरिक्त अवकाश घोषित करने की मांगों पर सहमति बनी थी। सहमति होने के सात महीन के बाद भी इसे लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया।
सरकार ने मांग माने के बजाय ग्रामीण सफाई कर्मचारियों, ट्यूबवेल ऑपरेटरों और चौकीदारों की हाजिरी मोबाइल एप के माध्यम से लगाने का फरमान जारी कर दिया। इस कारण ग्रामीण सफाई कर्मियों में प्रदेश सरकार के खिलाफ भारी रोष है। उन्होंने कहा कि सरकार ऑनलाइन हाजिरी लगाने की प्रणाली को बंद करे। हाजिरी लगाने का अधिकार ग्राम पंचायत के बजाय पांच-छह गांवों का जोन बनाकर सुपरवाइजर की भर्ती कर उसे दिया जाए। जनसंपर्क अभियान में नरवाना ब्लॉक प्रधान यशपाल हथो, सिल्लू दनोदा, कमलेश दनोदा, रामनिवास सैंथली, मनदीप सैंथली, संदीप मौजूद रहे।