कोरोना सैंपल जांच के लिए नागरिक अस्पताल उचाना में स्थापित की गई आरटीपीसीआर लैब के 17 में से दस कर्मचारियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इसके अलावा दो अन्य कर्मचारियों की रिपोर्ट तो निगेटिव आई है लेकिन उनको बुखार है। इस समय लैब में केवल पांच लोग ही काम कर रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण लैब का कार्य चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं अन्य जिलों की लैब कोरोना सैंपलों की जांच करने से मना कर चुकी हैं। कम सैंपलों की जांच होने के कारण जांच का कार्य काफी प्रभावित होगा।
सितंबर महीने में जिले के उचाना नागरिक अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना हुई थी। 23 सितंबर से लैब ने काम करना शुरू किया था। इसके बाद धीरे-धीरे लैब में सैंपल की संख्या बढ़ाई गई। नवंबर महीने से लैब ने अच्छी रफ्तार पकड़ ली थी और प्रतिदिन एक हजार के आसपास सैंपल की जांच होनी शुरू हो गई थी। एक लाख सैंपल की जांच करने के बाद लैब कर्मचारियों ने केक भी काटा था। शुक्रवार को लैब की एक तकनीशियन के पॉजिटिव आने के बाद लैब को बंद कर दिया था। शनिवार को लैब को सैनिटाइज करके दोबारा शुरू किया गया लेकिन लैब के नौ और कर्मचारी पॉजिटिव आ गई। लैब में कुल 17 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से दस की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई जबकि दो को बुखार हो गया। इस समय लैब में केवल पांच ही कर्मचारी काम कर रहे हैं। इस कारण सैंपलों की जांच का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। दिनभर में मुश्किल से 300 सैंपल की जांच हो पाएगी। पहले ही लैब कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है। इस कारण दिनरात लैब नहीं चल पा रही थी। अब पांच कर्मचारियों के सहारे ही लैब का कार्य चलेगा।
लैब में काम करने वाले 10 कर्मचारियों व अधिकारियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दो की रिपोर्ट निगेटिव आई है लेकिन उनको बुखार है। पॉजिटिव में रिसर्च असिस्टेंट, डाटा एंट्री ऑपरेशन, हेल्पर तथा स्वीपर भी शामिल हैं। लैब में फिलहाल पांच ही लोग काम कर रहे हैं। इसके बावजूद सैंपल जांच का कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। कुछ कर्मचारियों को सिविल सर्जन से मांग की है।
डॉ. जेके मान, लैब प्रभारी।