कीट ज्ञान की मुहिम से जुड़ी कीटों की मास्टरनी अब कीट ज्ञान पर कृषि वैज्ञानिकों के साथ सीधे सवाल-जवाब करेंगी। दिल्ली दूरदर्शन पर प्रकाशित होने वाले किसान प्रश्न मंच कार्यक्रम में कीटाचार्य महिला एवं पुरुष किसान कृषि वैज्ञानिकों के साथ विशेष रूप से चर्चा करेंगे। आगामी आठ सितंबर को कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग के लिए दिल्ली दूरदर्शन की टीम निडाना पहुंचेगी। कार्यक्रम के दौरान कीटाचार्य महिला और पुरुष किसान कृषि विशेषज्ञों के बीच सीधे सवाल-जवाब होंगे। लगातार दो घंटे तक कृषि विशेषज्ञों और कीटाचार्य किसानों के बीच कीट ज्ञान पर बहस चलेगी। कार्यक्रम में एनसीआईपीएम दिल्ली के कृषि विशेषज्ञ और जिले के कृषि अधिकारी भाग लेंगे।
फसलों में लगातार बढ़ते कीटनाशकों के प्रयोग के कारण किसान की जेब पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ और दूषित हो रहे खान-पान को देखते हुए कीट साक्षरता के अग्रदूत डॉ. सुरेंद्र दलाल द्वारा जींद जिले के निडाना गांव से वर्ष 2008 में खेती को जहर मुक्त बनाने के लिए कीट ज्ञान की मुहिम की शुरुआत की गई थी। ताकि फसलों में बढ़ते कीटनाशकों व रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम कर थाली में बढ़ रहे जहर के स्तर को कम किया जा सके। इसी विषय पर कृषि वैज्ञानिकों और किसानों की राय जानने के लिए दिल्ली दूरदर्शन की टीम द्वारा आगामी आठ सितंबर को निडाना गांव में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान लगातार दो घंटे तक किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच कीट ज्ञान के विषय पर बहस होगी। कीटाचार्य किसान कृषि विशेषज्ञों से सीधे सवाल-जवाब करेंगे। बाद में दिल्ली दूरदर्शन द्वारा किसान प्रश्र मंच कार्यक्रम के माध्यम से इसका प्रसारण किया जाएगा।
एक-एक घंटे के दो प्रोग्राम होंगे रिकार्ड
दिल्ली दूरदर्शन की टीम द्वारा आठ सितंबर को कीट ज्ञान की मुहिम से जुड़े पुरुष और महिला किसानों के दो कार्यक्रम रिकार्ड किए जाएंगे। इसमें एक घंटे का कार्यक्रम पुरुष किसानों का होगा और दूसरा एक घंटे का कार्यक्रम महिला किसानों का होगा। दूरदर्शन की टीम द्वारा एक-एक घंटे के दो कार्यक्रम रिकार्ड किए जाएंगे।
अमर उजाला फाउंडेशन का है विशेष सहयोग
कीट ज्ञान की मुहिम को पूरे प्रदेश में फैलाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा कीटाचार्य किसानों का विशेष सहयोग किया जा रहा है। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा महिला किसानों को आर्थिक मदद मुहैया कराकर जींद और जिले से बाहर भी किसान खेत पाठशालाओं का आयोजन कराया जा रहा है। फाउंडेशन द्वारा किसानों को पाठशाला में प्रयोग होने वाली स्टेशनरी और दूसरी वस्तुएं मुहैया कराई जाती है। ताकि देश के सभी किसानों को कीट ज्ञान की मुहिम से रूबरू कराकर मानव कल्याण के इस अभियान को सफल बनाया जा सके।