संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर के नए बस स्टैंड पर चार साल बीतने के बावजूद रोडवेज का पेट्रोल पंप शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते रोडवेज बसों को डीजल भरवाने के लिए छह किमी. दूर गोहाना रोड स्थित पेट्रोल पंप तक जाना पड़ रहा है। इस व्यवस्था से जहां बसों का अतिरिक्त समय बर्बाद हो रहा है, वहीं यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
साल 2022 में बस स्टैंड पिंडारा गांव के पास शिफ्ट हुआ था। इस पर करीब 32 करोड़ रुपये की राशि खर्च हुई थी। पुराने बस अड्डे पर तो रोडवेज का अपना पेट्रोल पंप था लेकिन नया बस अड्डा बनने के बाद उसमें पेट्रोल पंप नहीं लगाया गया।
हालांकि पेट्रोल पंप लगवाने को लेकर प्रक्रिया चल रही है लेकिन एनओसी नहीं मिलने के कारण यह प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में रोडवेज बसों में डीजल भरवाने के लिए बस अड्डे से करीब तीन किमी. दूर गोहाना रोड स्थित पेट्रोल पंप पर जाना पड़ता है।
कई बार बस में यात्रियों को बैठाने के बाद चालक-परिचालक डीजल भरवाने के लिए बस को पंप पर ले जाते हैं। इससे यात्रियों को 30 से 40 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है और उनके गंतव्य तक पहुंचने में देरी होती है।
यात्री हरीश, मुकेश, रामपाल, बाबूलाल, सोमलता, सुनहरी, पिंकी, रूबी ने कहा कि बस स्टैंड को नए स्थान पर शिफ्ट करते समय डीजल पंप जैसी जरूरी सुविधा शुरू की जानी चाहिए थी। चार साल बाद भी पंप चालू नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
रोडवेज वर्कशॉप परिसर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की ओर से नया डीजल पंप स्थापित किया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में बताया जा रहा है, लेकिन अभी तक लाइसेंस नहीं मिला है। लाइसेंस मिलते ही कार्य शुरू हो पाएगा।