जींद डिपो के चालक और परिचालक अब निजी ढाबों पर बसों को नहीं रोक सकेंगे। इसके लिए जीएम ने सभी चालकों और परिचालकों को आदेश जारी कर दिए हैं। आदेशों का पालन नहीं होने पर चालक व परिचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरअसल लंबे रूट पर चलने वाले रोडवेज बस के चालक और परिचालक रात के समय खाना खाने के लिए ढाबों पर बसों को रोक देते हैं। जबकि नियमानुसार रोडवेज चालक व परिचालक को सिर्फ सरकारी ढाबों पर ही बस रोकने के आदेश दिए जाते हैं। विभाग की ओर से लंबे रूट पर नाइट में सफर करने वाले चालकों और परिचालकों को 280 रुपये रिफ्रेशमेंट के रूप में मिलते हैं। जींद डिपो की कुल 30 बसें नाइट में लंबे रूटों पर चलती हैं। वहीं चालक व परिचालक के अनुसार सरकारी ढाबों पर खाने-पीने की अच्छी व्यवस्था नहीं होती, इसके चलते वे प्राइवेट ढाबों पर बस रोकने को मजबूर होते हैं। जबकि प्राइवेट ढाबों पर खाने-पीने में एक समय में 400 से 500 रुपये खर्च आ जाता है। ऐसे में 280 रुपये से ऊपर का खर्च चालक व परिचालक अपनी जेब से भरते हैं। वहीं रोडवेज चालक व परिचालक द्वारा प्राइवेट ढाबों पर बस रोकने के कारण यात्रियों को खाने-पीने की चीजों के लिए ज्यादा रुपये देने पड़ते हैं। ऐसे में कई बार यात्री जीएम से चालक व परिचालक की प्राइवेट ढाबों पर बस रोकने की शिकायत कर देते हैं।
जींद डिपो की 30 से 35 बसों का नाइट में लंबे रूटों पर होता है संचालन
जींद डिपो में कुल 164 बसें ऑन रूट हैं। इसमें से 30 से 35 बस नाइट में लंबे रूटों पर चलती हैं। चालक व परिचालक का कहना है कि सरकारी ढाबों पर खाना अच्छा नहीं मिलता है। ऐसे में चालकों व परिचालकों को लंबे रूट पर चलते समय अगर भर पेट भोजन नहीं मिलता है तो उन्हें परेशानी होती है। ऐसे में चालक व परिचालक भर पेट भोजन करने के लिए प्राइवेट ढाबों पर बस रोकते हैं।
अभी तक नहीं मिली कोई शिकायत
डिपो के सभी चालक व परिचालक को आदेश जारी किए हैं कि चालक व परिचालक लंबे रूट पर संचालन करते समय सरकारी ढाबों पर ही बसों को रोकें। अगर कोई चालक व परिचालक प्राइवेट ढाबों पर बसों को रोकते हैं और उनकी शिकायत प्राप्त होती है तो चालक व परिचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी चालक व परिचालकों को आदेश जारी हुए हैं।
-बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद डिपो।