रोडवेज द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में एक मार्च से बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। आरक्षण आंदोलन की वजह से पिछले कई दिनों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोडवेज की बसें नहीं जा रही हैं।
रोडवेज द्वारा पिछले दिनों मुख्य मार्गों पर तो बसों का परिचालन शुरू कर दिया गया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हालात सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है।
जिले में 12 रूटों पर रोडवेज की बसें जाती हैं। रोडवेज बसों का परिचालन बंद होने की वजह से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रोडवेज द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से ग्रामीण क्षेत्रों के रूट पर बसों के परिचालन पर रोक लगाई है। वहीं गोहाना व बरवाला रूट पर भी केवल दिन के समय ही बसें भेजी जा रही हैं। अब रोडवेज द्वारा एक मार्च से ग्रामीण क्षेत्रों के सभी 12 रूटों पर बसों का परिचालन शुरू करने का निर्णय लिया है।
रोडवेज को 39 लाख रुपये का नुकसान
रोडवेज को आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई तोड़फोड़ की वजह से 39 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आगजनी में रोडवेज की दो बसें पूरी तरह से जल गई और तीसरी बस का केवल इंजन बचा है। उपद्रव्यियों द्वारा 14 बसों के शीशे तोड़े गए। रोडवेज द्वारा नुकसान की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी गई है।
एक मार्च से ग्रामीण रूट बहाल
सभी ग्रामीण रूटों पर एक मार्च से बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। सुरक्षा की दृष्टि से अभी ग्रामीण क्षेत्रों में बसें नहीं भेजी जा रही हैं। आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाओं में रोडवेज को 39 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी रिपोर्ट तैयार करके मुख्यालय भेज दी है। - राहुल जैन, रोडवेज महाप्रबंधक, जींद डिपो।