बस स्टैंड पर खड़ी रोडवेज की बसें।
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अनलॉक-1 के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए जींद डिपो द्वारा मंगलवार को 22 रूटों पर बसों को चलाने की स्वीकृति दी गई है। बुधवार को केवल एक बस नरवाना के लिए रवाना हुई और वह भी दो यात्रियों को लेकर गई। यात्रियों के नहीं होने के कारण रोडवेज बसें खड़ी रहती हैं। जींद डिपो में कुल 175 बसें हैं। इसमें से अभी केवल छह से सात बसों को ही रूट पर उतारा गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए निदेशालय ने जींद डिपो के लिए मंगलवार को 22 रूटों पर बस चलाने की स्वीकृति दी। वहीं यात्री बसों में सफर करने से परहेज करते नजर आ रहे हैं। ऐेसे में सभी बसों के ऑन रूट होने में अभी समय लग सकता है।
बुधवार को छह बसें जींद डिपो से गईं। इसमें दो बस रोहतक, एक हिसार, एक कुरुक्षेत्र, एक नरवाना व एक पंचकूला भेजी गई। सुबह साढ़े सात बजे रोहतक के लिए गई बस में 29 यात्रियों ने सफर किया। इसमें से 16 यात्रियों ने ऑनलाइन व 13 ने काउंटर से टिकट लिया। वहीं हिसार के 16 यात्री गए। इसमें से केवल चार यात्रियों ने ऑनलाइन टिकट बुक करवाया। वहीं 12 यात्रियों को काउंटर से ही टिकट दिया गया। इसके बाद साढ़े आठ बजे कुरुक्षेत्र के लिए बस भेजी गई, जिसमें छह यात्रियों ने सफर किया। पांच यात्रियों ने ऑनलाइन व एक ने काउंटर से टिकट लिया। वहीं सुबह नौ बजकर 50 मिनट पर नरवाना के लिए दो यात्रियों को लेकर बस गई। दोनों यात्रियों को काउंटर से टिकट दिया गया। इसके बाद रोहतक के लिए सुबह साढ़े दस बजे 35 यात्रियों के साथ बस भेजी गई। इसमें 17 यात्रियों ने ऑनलाइन और 18 यात्रियो ने काउंटर से टिकट लिया। 11 बजे पंचकूला के लिए गई बस में 34 यात्रियों को भेजा गया।
यात्रियों की सुविधा के लिए मिली स्वीकृति
यात्रियों की सुविधा के लिए निदेशालय से ज्यादा रूटों पर बस चलाने की स्वीकृति मिली है। इनमें लोकल रूट भी शामिल हैं। लोकल रूटों के लिए काउंटर से ही टिकट दिया जा रहा है। वहीं लंबे रूटों के लिए ऑनलाइन टिकट बुक करवाना पड़ रहा है। अगर जगह बच जाती है तो यात्री को काउंटर से टिकट दिया जाता है।
-बिजेंद्र सिंह, रोडवेज जीएम जींद।