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जिला परिवेदना समिति की बैठक में आई 12 शिकायतें, 9 का समाधान

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परिवेदना समिति की मीटिंग में लोगों की शिकायत सुनते मंत्री अनूप धानक। - फोटो : Jind
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वीरवार को डीआरडीए हॉल में जिला परिवेदना समिति की बैठक श्रम राज्य मंत्री अनूप धानक की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान कुल 12 शिकायतें मंत्री के समक्ष रखी गई, जिनमें से नौ का समाधान कर दिया गया और तीन अगली बैठक के लिए छोड़ दी गई।
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इस दौरान शिकायत नंबर 12, जो जींद के विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा द्वारा शामिल करवाई गई थी की सुनवाई करते समय अजीबोगरीब स्थिति बन गई। दरअसल जब मामले की सुनवाई हुई तो पीड़ित पक्ष ने कहा कि रायचंद वाला गांव में पंचायत की जमीन पर पूर्व सरपंच द्वारा अवैध कब्जा किया है। इसको लेकर जवाब देने के लिए बीडीपीओ सतबीर सिंह मंच पर आए। इस पर पीड़ित ने कहा कि चार बार अतिक्रमण हटाने के लिए प्रक्रिया चल चुकी है लेकिन पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने पर कब्जा नहीं हटाया जा सका। इस पर जींद के विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि इस मामले में खुद बीडीपीओ व एसएचओ ने पुलिस को वापस भेजा है। कोई सांठ-गांठ है। मंत्री अनूप धानक ने इसे अनसुना करते हुए कहा कि इस मामले को डीसी साहब देखेंगे। विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा अपनी बात कहते रह गए और मंत्री अनूप धानक ने अगली बैठक तक मामले के समाधान के आदेश दे दिए। हालांकि इस मामले में बीडीपीओ सतबीर सिंह ने कहा कि इस मामले में नौ जनवरी को फिर से कब्जा कार्रवाई की तारीख तय की गई है।
डीएसपी ने सार्वजनिक किए एचआईवी पीड़ितों के नाम, मंत्री बोले समझा देंगे
बैठक के दौरान एक मामले की सुनवाई पर जवाब देते हुए उचाना के डीएसपी दलीप सिंह खर्ब ने तीन एचआईवी पीड़ितों के नाम सार्वजनिक कर दिए। बाद में पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर मंत्र अनूप धानक ने कहा कि यह मामला उन्होंने भी नोटिस किया लेकिन समझा देंगे। वहीं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. पालेराम के अनुसार किसी भी सूरत में एचआईवी पीड़ितों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। यह अदालत के दिशा निर्देश हैं। वहीं डीएसपी दलीप सिंह के अनुसार मामले में जवाब देते हुए उन्होंने साधारण तरीके से यह बोल दिया। उनकी कोई ऐसी मंशा नहीं थी। न ही यह कानून में कहीं है कि नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।
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बीडीपीओ साहब यह कोई जवाब नहीं है
शिकायत नंबर दस की सुनवाई करते हुए मंत्री अनूप धानक ने बीडीपीओ सतबीर सिंह के जवाब पर असंतोष जताया। दरअसल शिकायत गढ़ी गांव के लोगों ने दी थी कि गंदे पानी की निकासी नहीं हो रही है। इस पर बीडीपीओ ने कहा कि बजट नहीं होने से काम नहीं हो पाया। साथ ही उन्होंने कहा कि खेत की जमीन पर मकान बनाए गए हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि यह कोई जवाब नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में डीसी साहब फंड की व्यवस्था करेंगे।
अपराही मोहल्ला में सफाई व पानी निकासी के आदेश
बैठक में जींद के अपराही मोहल्ला निवासी लोगों ने गली में सफाई नहीं होने और पानी भरा रहने की शिकायत दी। इस पर उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन को अदेश दिए कि वे पानी की निकासी का स्थायी समाधान करें।
फसल बीमा कंपनियों की मनमानी पर लगे रोक, एफआईआर की मांग
शिकायत नंबर छह में नरवाना के मारपत्ति निवासी दलबीर सिंह ने कहा कि 2017 में उसकी बाजरे की फसल खराब हो गई थी और उसे मुआवजा भी नहीं मिला। इस पर कृषि उपनिदेशक डॉ. सुरेंद्र मलिक ने बताया कि बैंक ने प्रीमियम राशि जारी कर दी थी लेकिन कंपनी ने एक साल तक यह पैसा रख कर लौटा दिया। इस पर समिति के कई सदस्यों ने भी मामले को गंभीरता से लेने की मांग की और कहा कि काफी किसानों के साथ ऐसा हो रहा है। इस मामले में कंपनी के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए। इस पर मंत्री ने अगली बैठक में कंपनी के प्रतिनिधि को बुलाने के आदेश दिए।
किसान परेशान है, सरकार की भी बदनामी हो रही : विधायक डॉ. मिड्ढा
इसी मामले की सुनवाई के दौरान जींद के विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने डीडीए डॉ. सुरेंद्र मलिक को कहा कि आपके विभाग के तो हालत खराब हैं। किसानों की सुनवाई नहीं होती। हम भी कई बार किसानों को भेजते हैं उनसे ढंग से बात तक नहीं होती। इससे सरकार की बदनामी हो रही है। साथ ही मिड्ढा ने कहा कि किसान सम्मान निधि के लिए भी किसानों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इसी मामले में समिति के एक सदस्य ने कहा कि वह भी किसी काम से गए थे उनके साथ बदतमीजी की गई। साथ ही निगरानी समिति के सदस्य सतीश सांगवान ने कहा कि क्रॉप कटिंग के नाम भी फर्जीवाड़ा हो रहा है। इस पर मंत्री ने कार्यप्रणाली सुधारने के आदेश दिए।
उपभोक्ता को नहीं मिल रहा राशन
शिकायत नंबर चार में श्रीराम खेड़ा निवासी बीरमती ने कहा कि उसे लंबे समय से राशन नहीं मिल रहा। इस पर डीएफएससी सुरेंद्र सैनी ने कहा कि आधार अपडेट नहीं होने से राशन बंद हुआ था जो चालू करवा दिया गया है। इस पर पीड़ित ने कहा कि उसके नाम का राशन तो विभाग से आया है। ऐसे में मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच की जाए और यदि उपभोक्ता के नाम का राशन विभाग से आया है तो उसे दिलवाया जाए।
पेगां गांव में पंचायती जमीन पर कब्जा
पेगां गांव निवासी मनफूल सिंह ने शिकायत दी कि गांव में 35 कनाल से अधिक जमीन पर कब्जा किया है। यहां कब्जा हटवा दिया गया था जो फिर से किया गया है। इस पर मंत्री ने आदेश दिए कि यहां कब्जा हटवाकर तारबंदी करवाई जाए। यदि कोई फिर से कब्जा करते तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
अधिकारी जनता की समस्याओं और शिकायतों का करें स्थायी समाधान : राज्य मंत्री
मीटिंग में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री अनूप धानक ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारी उसकी तह में जाकर उनका स्थायी समाधान करवाना सुनिश्चित करें। कार्यालयों में शिकायतों के समाधान के लिए आने वाले लोगों के साथ अधिकारी विनम्र व्यवहार करें।
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