जींद। जिले के विद्यालयों की निरीक्षण व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, जिला परियोजना समन्वयकों, डायट प्राचार्यों, स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए गए है।
जारी आदेश के अनुसार स्कूलों में भवन, शौचालय, स्वच्छ पेयजल, बिजली, आईसीटी लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय और शिक्षण-अधिगम सामग्री जैसे संसाधन उपलब्ध हैं लेकिन नियमित निगरानी के अभाव में समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। नई व्यवस्था के तहत जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारियों के लिए मासिक विद्यालय भ्रमण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके तहत प्रत्येक विद्यालय का खंड स्तरीय अधिकारी द्वारा हर माह कम से कम एक बार निरीक्षण किया जाएगा। वहीं जिला स्तरीय अधिकारी को प्रत्येक विद्यालय का चार माह में कम से कम एक बार तथा वर्ष में न्यूनतम तीन बार निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। सभी निरीक्षण विभाग द्वारा विकसित केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान जियो-टैग और समय सहित रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। इससे निगरानी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी बन सके। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य और उप जिला शिक्षा अधिकारी (समग्र शिक्षा व मिड-डे मील) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने जिले के विद्यालयों को बराबर संख्या में बांटकर नियमित निरीक्षण और समीक्षा करें।
विद्यालय निरीक्षण के लिए सात प्रमुख बिंदु तय किए गए हैं। इनमें बालक, बालिका और स्टाफ के लिए स्वच्छ और कार्यशील शौचालय, सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, डिजिटल और आईसीटी उपकरणों का उपयोग, विज्ञान व अन्य प्रयोगशालाओं की कार्यशीलता, शिक्षण-अधिगम सामग्री का उपयोग तथा विद्यालय परिसर की स्वच्छता शामिल हैं। इसके अलावा निरीक्षण तंत्र को मजबूत करने और कमियों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
वर्जन
व्यवस्था लागू होने से विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा और प्रशासनिक जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता भी बढ़ेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से अपने क्षेत्र के विद्यालयों का आवंटन कर तुरंत प्रभाव से निरीक्षण प्रक्रिया शुरू करें।-रितु पंघाल जिला शिक्षा अधिकारी, जींद।