जींद। फरवरी में जिले में किसानों के दिल्ली कूच को रोकने लिए लगभग 12 दिन तक इंटरनेट सेवा बंद कर दिया गया था। इसके कारण जिले में सभी जरूरी कामबंद रहे। इस दौरान राशन डिपो पर राशन वितरण का कार्य भी नहीं हो सका। इसके चलते इस महीने में 40 प्रतिशत राशन वितरण नहीं हो पाया। इससे राशन डिपोधारक और उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
राशन डिपो धारकों की मशीनों के स्टॉक में अधिक राशन बच गया। इसको वह मार्च माह में वितरण नहीं कर सकते थे। इसको गंभीरता से लेते हुए खाद्य और आपूर्ति विभाग मुख्यालय ने सभी जिला अधिकारियों को फरवरी के बकाया राशन को बंटवाने के आदेश दिए हैं। इसके लिए जिला खाद्य और आपूर्ति विभाग ने सभी राशन डिपोधारकों की मशीनों को आठ मार्च तक राशन वितरण करने के निर्देश देकर खुलवाया है। अब इस निर्धारित अवधि तक जो भी उपभोक्ता राशन लेने से वंचित था। वह अपने नजदीकी राशन डिपो पर जाकर राशन ले सकता है। अगर कोई राशन डिपोधारक इस निर्धारित अवधि में राशन नहीं देता है तो उसकी शिकायत विभाग के जिला मुख्यालय पर उपभोक्ता कर सकता है।
यह है राशन बकाया
राशन का नाम
मात्रा
बाजरा
579180 क्विंटल
गेहूं
560564 क्विंटल
चीनी
72229 क्विंटल
सरसों का तेल
124732 लीटर
वर्जन
जिले में इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण फरवरी माह में उपभोक्ताओं के राशन का वितरण पूरा नहीं हो सका था। इसके चलते मुख्यालय को इसकी रिपोर्ट भेजी गई थी। उपभोक्ताओं के राशन वितरण कार्य के प्रभावित होने के चलते मुख्यालय ने आठ मार्च तक राशन वितरण करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए सभी राशन डिपो धारकों को लंबित उपभोक्ताओं का राशन वितरण करने के निर्देश दिए हैं।-निशांत राठी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जींद।