सफीदों। कांग्रेस विधायक सुभाष गांगोली ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार के डबल इंजन ने पढ़े, लिखे युवाओं को बेरोजगारों की लाइन में खड़ा कर दिया है। इस बार ये नजारा अंबाला कोर्ट में देखने को मिलाए यहां चपरासी के सिर्फ 12 पदों के लिए करीब नौ हजार अभ्यर्थी आवेदन की लाइन में खड़े थे।
हैरानी की बात ये है कि बेरोजगारों की इस भीड़ में ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और एमएससी से लेकर एमटेक पास नौजवान भी थे। बेरोजगारी की चक्की में पिस रहे ये युवा सफाईकर्मी तक बनने को तैयार हैं। हरियाणा के सरकारी विभागों में दो लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हैं, लेकिन उन पर पक्की भर्तियां करने की बजाय भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार हरियाणवी प्रतिभाओं को ऐसे कामों में झोंक रही है। जहां उनकी योग्यता और कौशल का पूरा इस्तेमाल ही संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि कौशल निगम के तहत युवाओं को जो काम मिल रहा है, उसे ना भर्ती कहा जा सकता है और ना ही रोजगार। क्योंकि खुद सरकार द्वारा जारी कौशल निगम की पूरी पॉलिसी में रोजगार या नौकरी जैसे किसी भी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। ना ही इसमें कहीं सैलरी का कोई जिक्र है। कौशल निगम भी एक डिजिटल लेबर चौक है। इसमें पढ़े लिखे योग्य युवाओं को दिहाड़ी पर रखा जाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनने पर युवाओं को इस शोषण व शर्मिंदगी से छुटकारा दिलाया जाएगा। योग्यता के अनुसार खाली पदों पर पक्की भर्तियां की जाएंगी।