हिसाद संसदीय क्षेत्र में नौ विधानसभा आती हैं। यहां पर कुल 16 लाख 31 हजार 817 मतदाता हैं। इनमें आठ लाख 82 हजार 422 पुरुष और सात लाख 49 हजार 388 महिला मतदाता हैं। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में हिसार संसदीय सीट पहली बार भाजपा ने जीती थी। यहां से भाजपा के बृजेंद्र सिंह ने जजपा के दुष्यंत चौटाला को तीन लाख 14 हजार 68 वोटाें से हराया था।
बृजेंद्र सिंह को छह लाख तीन हजार 289 वोट मिले थे जबकि दुष्यंत चौटाला को दो लाख 89 हजार 221 वोट मिले थे। अब राजनीतिक हालात बदल चुके हैं। बृजेंद्र सिंह कांग्रेस में शामिल हाे चुके हैं। इस सीट पर पहली बार 2019 में भाजपा ने जीत हासिल की थी। इस बार रानियां से निर्दलीय विधायक रणजीत सिंह चौटाला अब भाजपा में शामिल हो गए और भाजपा ने उन्हें हिसार लोकसभा सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया।
वहीं इनेलो ने अपनी महिला विंग की प्रधान महासचिव सुनैना चौटाला को हिसार से उम्मीदवार घोषित कर दिया है। जजपा की तरफ से विधायक नैना चौटाला के मैदान में आने की अटकलें पूरी तरह से तेज हैं। रणजीत सिंह चौटाला का मुकाबला अपनी दोनों पुत्रवधुओं से होगा। अब पूरा चुनाव कांग्रेस के उम्मीदवार पर निर्भर करेगा। कांग्रेस किस चेहरे पर अपना दांव लगाती है, यह तो समय ही बताएगा। यदि बृजेंद्र सिंह या फिर पूर्व सांसद जयप्रकाश कांग्रेस की तरफ से यहां से चुनाव लड़ेंगे तो फिर इस संसदीय सीट पर कड़ा मुकाबला होगा।
हिसार लोकसभा पर अब तक 14 बार चुनाव हो चुके हैं। अब तक यहां पांच बार कांग्रेस, इनेलो ने दो बार जबकि भाजपा, हजकां, जनता पार्टी, जनता एस, हविपा, हरियाणा लोकदल व जनता दल ने एक-एक बार चुनाव जीते हैं। इस लोकसभा सीट से सबसे ज्यादा जयप्रकाश 1989, 1996 तथा 2004 में तीन बार सांसद रहे हैं।
अब तक 14 बार हो चुके हिसार लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी ने महिला उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा है और न ही किसी महिला ने यहां से जीत दर्ज की है। इस बार इनेलो ने अपनी महिला उम्मीदवार को पहली बार मैदान में उतारा है। इस लोकसभा क्षेत्र से दूसरी महिला उम्मीदवार जजपा की तरफ से नैना चौटाला के भी मैदान में आने की पूरी संभावना है।