गोयल की जीत पर लड्डू बांटते वैश्य समाज के लोग।
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दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में शाहदरा सीट से 11731 वोटों से जीत कर रामनिवास गोयल आम आदमी पार्टी से विधायक बन गए हैं। उनकी जीत पर सफीदों में वैश्य समाज ने लड्डू बांटे। रामनिवास सफीदों के निवासी रहे हैं। 1964 में उनका परिवार सफीदों से दिल्ली शिफ्ट हो गया था। गोयल ने भाजपा के संजय गोयल को मात दी। पिछले कार्यकाल में वह विधानसभा स्पीकर भी रहे।
बताते चलें कि रामनिवास गोयल का परिवार 1964 तक सफीदों में रहा और उसके बाद दिल्ली शिफ्ट हो गया। गोयल के पिता स्वर्गीय चतुर्भुज गोयल सफीदों अनाज मंडी में उस समय आढ़त का व्यवसाय करते थे। रामनिवास गोयल सफीदों के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10वीं कक्षा में पढ़ते थे। होनहार विद्यार्थी होने के साथ-साथ रामनिवास गोयल राजनीति में भी थोड़ी-थोड़ी रुचि रखते थे। सफीदों से दिल्ली जाने के बाद उन्होंने अपने माता-पिता के साथ दिल्ली में कारोबार किया। उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत संघ और भाजपा से की। इमरजेंसी के दौरान उन्होंने 18 महीने की जेल भी काटी। पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में हिस्सा लिया और 1993 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा और विजयी रहे। इसके बाद 1998 तक दिल्ली विधानसभा में विधायक रहे और लगातार राजनीति में बने रहे। किन्ही मनमुटावों के बीच वर्ष 2005 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा को अलविदा कह दिया था। आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने स्वयं गोयल के घर पर जाकर उनको पार्टी में शामिल किया। पार्टी ने उनको 2005 व 2020 के विधानसभा चुनाव में शाहदरा विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया और दोनों ही बार विजयी श्री उनके हिस्से में आई। अग्रवाल वैश्य समाज के अध्यक्ष प्रवीन मित्तल, आत्माराम गोयल, सत्यनारायण गोयल, हुकम चंद गोयल, अरुण गोयल, वरुण गोयल, जगजीत सिंह, दीपक गोयल, रामनिवास गर्ग, अशोक गोयल, राजेश मित्तल, अमित गर्ग, अनिल राणा व नरेश जैन ने अरविंद केजरीवाल का आभार जताया है।
रामनिवास गोयल - फोटो : Jind