27जेएनडी04: मनरेगा मजदूर को संबोधित करते हुए वक्ता। स्रोत यूनियन
जींद। मनरेगा मजदूरों की राज्य स्तरीय कन्वेंशन वीरवार को नए बस अड्डे के पास मजदूर नेता रमेश चंद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कन्वेंशन में अलग-अलग जिलों के मुख्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कन्वेंशन का संचालन विनोद कुमार ने किया।
राज्य स्तरीय कन्वेंशन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करके मनरेगा मजदूरों को संगठित करने के लिए मनरेगा मेट व मजदूर यूनियन हरियाणा के नाम से राज्य स्तरीय यूनियन का गठन किया गया। यूनियन गठन करते हुए 17 सदस्यीय राज्य कमेटी का गठन किया गया। इसमें रमेशचंद्र को प्रधान, सुखबीर सिंह व सुरेश कुमार को उपप्रधान, विनोद कुमार को महासचिव, नरेश कुमार व प्रकाशचंद को सचिव तथा कुलदीप सिंह को कोषाध्यक्ष चुना गया।
रमेश चंद ने कहा कि यूनियन गठन के अवसर पर मनरेगा मजदूरों की मांगों एवं समस्याओं पर विचार करते हुए 14 सूत्री मांग पत्र तैयार किया गया। इसमें मांग की गई कि जियो टैग की बजाय ऑफलाइन हाजिरी लगाई जाए और सभी गांवों में तुरंत मनरेगा का काम शुरू किया जाए। मनरेगा में 200 दिन काम व 700 रुपये मजदूरी तय की जाए। अपने गांव से पांच किलोमीटर दूर जाने पर मिलने वाला 10 प्रतिशत किराया बहाल किया जाए। 25 मजदूरों पर एक मेट लगाया जाए और मनरेगा मेट को कुशल मजदूर का दर्जा दिया जाए। फोन खर्च और ब्लॉक तक आने जाने के लिए किराया भत्ता दिया जाए। मनरेगा मजदूर की मौत होने पर 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।