फसल के लिए जमीन को तैयार करते किसान
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जिलेभर में कई स्थानों पर हुई बूंदाबांदी से किसानों में उत्साह है। पिछले साल सूखे की मार सहने वाले किसानों को इस बार बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। प्रदेश में धान रोपाई का सीजन बुधवार से शुरू हो रहा है। धान की रोपाई के लिए किसान तैयारियों में जुट गए हैं।
कृषि विभाग द्वारा इस बार 1.30 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। मौसम विभाग द्वारा इस बार मानसून की बारिश सामान्य से ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अच्छी बारिश होने की संभावना के चलते लक्ष्य से ज्यादा धान की रोपाई होगी। पिछले साल कपास में सफेद मक्खी के प्रकोप के चलते कपास का क्षेत्र घटने की वजह से भी धान का रकबा बढ़ेगा। पिछले साल 1.29 लाख हेक्टेयर में धान की फसल थी। जून माह में भी जिले में अच्छी बारिश हुई है। सोमवार व मंगलवार को भी जिले में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी होने के साथ ही किसान धान की रोपाई की तैयारियों में जुट गए। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी बारिश हो सकती है।
धान की सीधे बिजाई में किसान नहीं ले रहे रुचि
कृषि विभाग के अनुसार प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार 15 जून से ही धान की रोपाई का कार्य शुरू होगा। 15 जून से पहले किसी किसान द्वारा धान की रोपाई करने की सूचना कृषि विभाग के पास नहीं है। विभाग द्वारा किसानों को धान की सीधे बिजाई के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन अभी तक सीधी बिजाई को लेकर किसान ज्यादा रुचि नहीं ले रहे हैं।
1.30 लाख हेक्टेयर में है धान रोपाई का लक्ष्य
15 जून से प्रदेश में धान की रोपाई शुरू होती है। इससे पहले तक किसी किसान द्वारा धान की रोपाई नहीं की गई है। इस बार निर्धारित लक्ष्य 1.30 लाख हेक्टेयर से ज्यादा में धान की रोपाई होने की संभावना है।
- डॉ. अनिल नरवाल, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी जींद।