भिवानी रोड रेलवे फाटक 110 सी मंगलवार सुबह सात बजे से लेकर शाम पांच बजे तक बंद रहा। इससे यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी हुई।
भिवानी रोड फाटक बंद होने से छोटे से लेकर बड़े वाहन तक निकलने का भी कोई रास्ता वहां नहीं होने के कारण लगभग 30 हजार लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इन लोगों को शहर की कॉलोनियों या बाईपास से अपना रास्ता बदलकर भिवानी की तरफ जाना पड़ा। फाटक बंद करने का मुख्य कारण फाटक पर मशीन द्वारा वर्किंग जैक का कार्य करवाया जाना था। सुबह से लेकर शाम तक लगभग 10 घंटे फाटक बंद रहा। इससे लोगों को भिवानी रोड से वापस जाकर पूरा शहर क्रॉस कर पटियाला चौक या फिर रोहतक रोड की तरफ से जाना पड़ा। शहर के हांसी रोड, रोहतक बाईपास जेल के पास फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है, जिसकी वजह से ये रास्ते बंद हैं। इन रास्तों को बंद होने की वजह से लोगों को परेशानी ज्यादा हुई। फाटक के पास पहुंचे लोगों का कहना था कि अगर फाटक को बंद ही रखा जाना था तो वहां किसी तरह की सूचना भी लगाई जानी थी, ताकि उनको परेशानी नहीं उठानी पड़े। हालांकि रेलवे द्वारा फाटक बंद किए जाने की सूचना पहले से जिला प्रशासन को दी हुई थी।
फाटक के पास से वापस हुईं रोडवेज की कई बसें
भिवानी फाटक बंद होने के कारण जींद से हांसी, भिवानी की तरफ जाने वाली रोडवेज बसें भी फाटक से वापस गईं। फाटक के पास से बसों को वापस लाते समय बसों में बैठे यात्रियों को भी परेशानी हुई। बस में बैठे यात्रियों का भी इससे काफी समय बर्बाद हुआ और वह अपने गंतव्य पर समय से नहीं पहुंच पाए।
दोपहिया वाहन चालकों के निकलने के लिए भी नहीं था कोई रास्ता
फाटक के एक और से दूसरी ओर आने-जाने वाले दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी कोई रास्ता नहीं था। अगर दोपहिया वाहनों के लिए कोई अस्थायी रास्ता बनाया गया होता तो उनको कुछ हद तक राहत मिल सकती थी, लेकिन कार्य मशीन द्वारा करवाए जाने को लेकर फाटक को दोनों साइड से पूरी तरह से बंद किया गया था।
बाइक सवारों ने पटरी को बनाया रोड
बाइक चालकों ने फाटक बंद होने के बाद दूसरे रास्ते से शहर में प्रवेश करने की बजाय फाटक के नजदीक से ही पटरी से बाइकों को उतारना शुरू कर दिया। इसके चलते दिनभर बाइक चालकों की भीड़ फाटक के पास पटरी पर लगी रही।
मशीन द्वारा वर्किंग जैक का किया गया कार्य : एसएसई
भिवानी फाटक 110 सी पर रेलवे द्वारा मंगलवार को मशीन द्वारा वर्किंग जैक को लगवाने का कार्य किया गया था। इसकी वजह से फाटक को सुबह से लेकर शाम तक बंद रखा गया था, ताकि लोगों के फाटक पर आवागमन के चलते परेशानी नहीं हो।
रोहतांग सिंह, एसएसईए जींद।
जिला प्रशासन को दी गई थी सूचना : छोक्कर
फाटक बंद किए जाने की सूचना जिला प्रशासन को दे दी गई थी। उसके बाद फाटक बंद कर ही कार्य को शुरू किया गया था। रेलवे द्वारा रेलवे लाइन पर मरम्मत और ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने को देखते हुए समय-समय पर कार्य किए जाते हैं।
सुरेंद्र छोक्कर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर जींद।