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दंत क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी

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दंत चिकित्सक की योग्यता की जांच करते दंत चिकित्सक डॉ. रमेश पांचाल। - फोटो : bureau
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कस्बे में चल रहे दंत चिकित्सकों की योग्यता को जांचने के लिए शुक्रवार को डेंटल सर्जनों की टीमों ने छापेमारी की। इस दौरान कई दंत चिकित्सक टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही भूमिगत हो गए। छापे हरियाणा राज्य डेंटल काउंसिल पंचकूला के आदेश पर मारे गए। हरियाणा राज्य डेंटल काउंसिल पंचकूला ने जींद सिविल सर्जन को इस कार्रवाई के लिए लिखा गया था। छापेमारी की सूचना मिलते ही कस्बे में क्लीनिक चला रहे दंत चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। जींद निवासी हरनेक सिंह ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, स्वास्थ्य विभाग के निदेशक और दंत महानिदेशक पंचकूला को शिकायत दी थी कि पिल्लूखेड़ा मंडी में बिना डिग्री वाले दंत चिकित्सक अपने क्लीनिक चला रहे हैं। इसके चलते आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भेजी गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सामान्य अस्पताल के सिविल सर्जन पिल्लूखेड़ा में दंत चिकित्सकों की योग्यता को जांचने के लिए दंत सर्जनों की एक टीम बनाई। इस टीम में जींद के दंत सर्जन डॉ. रमेश पांचाल, डॉ. प्रवीण बूरा, कालवा सीएचसी से डॉ. रोहिणी सिंह को शामिल किया। इस टीम ने पिल्लूखेड़ा में कई जगह दंत चिकित्सकों के क्लीनिकों पर छापेमारी की। दंत चिकित्सकों की टीम को देखते हुए कई दंत चिकित्सक अपने-अपने क्लीनिकों के शटर गिराकर भूमिगत हो गए।
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सफीदों में भी की छापेमारी
सफीदों। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर के दांतों के अस्पतालों पर छापामारी की। इस दौरान दंत चिकित्सकों की डिग्री सहित अन्य कागजातों की जांच की गई। विभाग की इस कार्रवाई से दंत चिकित्सकों में हड़कंप मच गया। विभाग की टीम ने नहर पुल के पास स्थित वंशु डेंटल क्लीनिक, गुरु गोबिंद्र सिंह दांतों का अस्पताल व महात्मा गांधी रोड पर शिव दांतों का अस्पताल के संचालकों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को लिखकर दिया है कि वे बिना डिग्री के पिछले कई सालों से सफीदों में कार्य कर रहे हैं। शिव दांतों के अस्पताल में बैठी सुनीता ने लिखकर दिया है कि डिग्री उनके पति के नाम है। पति की मुत्यु के बाद वह मरीजों का इलाज करती है। रामपुरा रोड पर तो पुराने बस व नए बस स्टैंड के स्थित राहुल डेंटल पर बैठे एक राजू ने कहा कि डेंटल क्लीनिक तो जींद के डॉ. सतीश का है वह उन्हें तीन हजार रुपये प्रति महीना देते हैं। टीम के अधिकारियों ने कहा कि यह सभी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष पेश की जाएगी।


विभाग की टीम ने मेडिकल स्टोर पर छापा, प्रतिबंधित दवाएं बरामद
नरवाना। कुरुक्षेत्र में पुलिस भर्ती के दौरान नशीली दवा लेकर दौड़ लगाने से तीन युवकों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। शुक्रवार देर शाम को ड्रग इंस्पेक्टर ने नरवाना में एक दुकान पर छापेमारी करके प्रतिबंधित दवा बरामद की है। विभाग की टीम ने तुरंत ही दुकान को सील कर दिया। विभाग की टीम ने इसकी शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार ड्रग कंट्रोलर को शिकायत मिली थी कि नरवाना क्षेत्र में कुछ प्रतिबंधित दवाओं को मेडिकल स्टोरों पर बेचा जा रहा है। इन दुकानों से हाल में प्रदेश में चल रही पुलिस की भर्ती में शामिल होने वाले युवा प्रयोग कर रहे हैं। सूचना मिलते ही ड्रग इंस्पेक्टर ने टीम का गठन किया और नए बस स्टैंड के पास स्थित गणेश मेडिकोज पर एक युवक को ग्राहक बनाकर भेजा और पुलिस भर्ती में शामिल होने की बात कहकर दवा को ले लिया। इशारा मिलते ही टीम ने छापेमारी की और दुकान से प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा बरामद कर लिया। ड्रग कंट्रोलर निरीक्षक संदीप हुड्डा ने बताया कि कुरुक्षेत्र में हुई तीन मौत के कारण एक व्यक्ति  को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि नरवाना से टर्मिन नाम की दवाई खरीदी गई थी। जो कि बिना डॉक्टरों की परमिशन के नहीं मिलती और यह दवाई स्टेमिना को बढ़ाती है। इसी को लेकर छापेमारी कर गणेश मेडिकोज पर छापेमारी करके दवा को बरामद किया। मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है और पुलिस को इसकी शिकायत दे दी है।
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