08जेएनडी16-कार्यालय में कागजातों की जांच करते हुए मुख्यमंत्री उडऩदस्ता के सदस्य। संवाद
- फोटो : घटना के बाद ट्रेन रुकने पर सिपाही से धक्का-मुक्की करते यात्री। स्रोत: वीडियो ग्रैब
जींद। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने मंगलवार को हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त व विकास निगम कार्यालय पर छापेमारी की। इस दौरान कार्यालय में काफी खामियां मिली, जिनमें 498 लोगों की लोन की फाइल आई हुई थी, उनमें से केवल 51 आवेदन ही मंजूर किए हुए थे। इसके अलावा 21 आवेदन ऐसे मिले, जिनको रिकॉर्ड में भी नहीं चढ़ाया गया था। टीम ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दी है।
हरियाणा अनुसूचित जाती वित्त व विकास निगम कार्यालय में सरकार की 74 योजनाओं का लाभ दिया जाता है। जो परिवार बीपीएल है या इनकम 1.80 से कम है उन्हीं लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जाता है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को शिकायत मिली थी कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। छापेमारी के लिए जिला कल्याण विभाग अधिकारी नरेंद्र सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। इसके बाद डीएसपी पवन के नेतृत्व में उड़नदस्ते ने कार्यालय पर दस्तक दी। टीम ने कार्यालय में सभी कागजों की जांच की और रिकाॅर्ड कब्जे में ले लिया और उसे खंगाला। छानबीन में सामने आया कि विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत गरीब लोगों को 72 तरह के लोन दिलाए जाते हैं ताकि वे लोग अपना जीवनयापन कर सकें। जांच में सामने आया कि विभाग को 498 आवेदन मिले थे, जिसमें से केवल 51 आवेदन मंजूर हुए। लाभ महज 32 लोगों को मिला। 19 आवेदकों को लोन तो मंजूर हुआ, लेकिन बजट नहीं मिला। 366 आवेदन पेंडिंग पाए गए। 81 आवेदनों को रद्द कर दिया गया। जबकि 21 आवेदन ऐसे मिले, जिनको रिकाॅर्ड में नहीं चढ़ाया गया था और काफी समय से धूल फांक रहे थे। टीम ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दी है।
छापेमारी में जो खामियां मिली है, उनके आधार पर रिपोर्ट तलब करके उच्च कार्यालय को भेज दी गई है। उसी के आधार पर आगामी कार्रवाई होगी।
पवन कुमार, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता