बैठक में मौजूद हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा के सदस्य।
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जींद। सीटू से संबंधित हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा जींद ब्लॉक का सम्मेलन नेहरू पार्क में हुआ। इसमें सात सदस्यीय कमेटी का चुनाव किया गया। इसमें जयकर्ण को प्रधान, अनिल रामराय को सचिव, धर्मबीर को कैशियर चुना गया।
सीटू नेता संदीप जाजवान ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल ग्रामीण चौकीदार को प्रदेश की आंख, कान व नाक बताते हैं। वो गांव की हर प्रकार की सूचना सरकार के पास पहुंचाते हैं, लेकिन भाजपा सरकार में इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जाता। प्रदेश सरकार के खिलाफ अपनी अनदेखी के कारण रोष है। अपनी मांगों को लेकर 18 सितंबर को अंबाला में गृह मंत्री अनिल विज के आवास पर प्रदेशभर के ग्रामीण चौकीदारों ने प्रदर्शन किया था। इसी बीच भाजपा ने 44 श्रम कानूनों को रद्द चार लेबर कोड में बदल कर मजदूरों व कर्मचारियों को पूंजीपतियों व मालिकों के गुलाम बनाने का पक्का प्रबंध कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिले में लगभग सात हजार मकान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2018 में पास हुए थे। लेकिन आज तक किसी के मकान की राशि जारी नहीं हुई। भाजपा द्वारा देश के संसाधनों, सार्वजनिक व सरकारी क्षेत्र को पूंजीपतियों के हाथों में सौंपा जा रहा है। जनता के पैसों से बने सरकारी उद्योगों, रेल, कोयला, बिजली, परिवहन, बीमा व बैंक सब कुछ पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के ग्रामीण चौकीदारों को पक्का किया जाए। जब तक पक्के नहीं होते तब तक 24 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए। चौकीदारों के वेतन को महंगाई भत्ते से जोड़ा जाए और छह माह में महंगाई भत्ता दिया जाए। हरियाणा सरकार ने ग्रामीण चौकीदारों को ईपीएफ के तहत कवर करने की घोषणा की है। परंतु इस घोषणा को अभी तक लागू नहीं किया गया है। हरियाणा के चौकीदारों को सफाई कर्मचारियों की तर्ज पर बीडीपीओ ब्लॉक को इकाई मानकर चौकीदारों को ईपीएफ में कवर किया जाए। ग्रामीण चौकीदारों को ईएसआई के दायरे में लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जाए। कोरोना महामारी की चपेट में आने से मौत होने पर ग्रामीण चौकीदारों को सरकार के आदेश अनुसार दो लाख रुपये बीमा राशि व परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की तरह दुर्घटना में मौत होने पर आश्रितों को पांच लाख रुपये दिए जाएं। चौकीदारों के लिए वर्दी व जूता वार्षिक भत्ते को बढ़ाकर चार हजार रुपये किया जाए। हर माह की सात तारीख एक मानदेय का भुगतान किया जाए और एक माह मानदेय लेट होने पर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की तरह 500 रुपये अतिरिक्त दिया जाए। खाली पदों पर चौकीदारों की नियुक्ति की जाए। चौकीदारों को मिलने वाला मानदेय में हस्ताक्षर प्रणाली समाप्त की जाए।