21जेएनडी17: हिसार में आयोजित बैठक में मौजूद जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी। स्रोत : कर्मचारी
जींद। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के संचालन और रखरखाव में अब ग्रामीणों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। यह जानकारी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता राजीव बातिश ने हिसार स्थित ब्लू बर्ड में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दी। कार्यक्रम में जींद, हिसार, हांसी, फतेहाबाद और सिरसा जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्य अभियंता ने बताया कि वर्ष 2026 की नई नीति का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाना और जलापूर्ति योजनाओं में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना है। इस नीति के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत का डिजिटल बैंक खाता खोला जाएगा। इससे आय-व्यय की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से स्थानीय स्तर पर मरम्मत कार्य तेजी से होंगे। शिकायत निवारण प्रणाली मजबूत होगी और जलजनित रोगों की रोकथाम में मदद मिलेगी। साथ ही, महिलाओं के सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रशिक्षण में बताया गया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गांवों में पानी के बिल एकत्र करेंगी, पानी की गुणवत्ता की जांच किट के माध्यम से करेंगी और नए कनेक्शन मंजूर कराने में भी सहयोग देंगी। इन महिलाओं को पंचायत की ओर से मानदेय दिया जाएगा। कार्यक्रम में अधीक्षक अभियंता तरुण गर्ग, कार्यकारी अभियंता भानु प्रकाश शर्मा, जिला सलाहकार रणधीर मताना भी मौजूद रहे।