21जेएनडी08: करसोला माइनर में डाला जा रहा गंदा पानी। संवाद
जुलाना। जैजैवंती गांव के पास करसोला माइनर में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सीवरेज का गंदा पानी डाला जा रहा है। यह पानी आगे चलकर राजगढ़, देशखेड़ा, कमाच खेड़ा, मालवी, फ रमाना, बेडवा गांवों में जलघर के माध्यम से पेयजल में उपयोग किया जाता है। गंदा पानी सप्लाई में जाने से लोगों की सेहत के साथ जनस्वास्थ्य विभाग खिलवाड़ कर रहा है।
यह पानी किसी भी लिहाज से पीने लायक नहीं होता, अगर इस पानी का प्रयोग किया जाता है तो कैंसर व चर्म रोग जैसी बीमारियों के बढ़ने का डर रहता है। ग्रामीण इसका पहले कई बार विरोध भी कर चुके हैं, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। क्षेत्र के लोगों की मांग है कि सीवरेज का गंदा पानी माइनर में न डाला जाए, ताकि वह स्वच्छ पेयजल का प्रयोग कर सकें।
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माइनर से जलघर, खेतों और तालाबों में जाता है गंदा पानी
जुलाना की करसोला माइनर से पानी जलघर के अलावा खेतों और तालाबों में भी जाता है। इससे पशुओं के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है। जलघर के माध्यम से अगर पानी घरों तक जाता है तो ग्रामीणों में चर्मरोग, कैंसर, पेट में इंफेक्शन होने का डर रहता है। अगर खेतों में सिंचाई में पानी जाता है तो फसल खराब होने के साथ जमीन भी बंजर हो सकती है।
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सीवरेज के पानी को ड्रैन में डालने के लिए पाइप लाइन दबाई जा रही है। माइनर में पानी डालने के अलावा पानी को कहीं ओर डालने का रास्ता नहीं था। अभी माइनर में पानी नहीं आ रहा है। इसलिए जलघरों में पानी सप्लाई नहीं किया जा रहा है। इस पानी को किसान अपने खेतों में प्रयोग कर सकते हैं।
-नरेंद्र लाठर, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग जुलाना।