20जेएनडी14: ग्राम जी कानून का विरोध करते हुए मनरेगा मजदूर। स्रोत : मजदूर।20जेएनडी14: ग्राम जी
नरवाना। मनरेगा मजदूर यूनियन उझाना ब्लॉक इकाई के आह्वान पर कोयल गांव में सैंकड़ों मजदूर एकत्रित हुए और प्रस्तावित मजदूर विरोधी वीबी जी राम जी कानून के खिलाफ रोष जताया। सभा की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के पूर्व प्रधान पाल सिंह ने कहा कि नया प्रस्तावित कानून मनरेगा अधिनियम की जगह लेकर मजदूरों से उनके मूल अधिकार छीन लेगा।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून में मजदूरों को काम की कानूनी गारंटी, काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता, सरल जॉब कार्ड व्यवस्था, औजार, फर्स्ट एड और सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रावधान थे। भले ही सरकार इस कानून को पूरी तरह लागू नहीं कर सकी, लेकिन मजदूरों के पास अपने अधिकारों के लिए लड़ने का आधार जरूर था।
नए कानून में ये सभी गारंटियां खत्म की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों को खुश करने की बजाय जमींदारों को लाभ पहुंचाने के लिए फसली सीजन में दो महीने तक काम पर रोक लगाई गई है और योजनाएं बनाने की प्रक्रिया भी बदली गई है।
यूनियन ने 200 दिन के काम की गारंटी, 1000 रुपये न्यूनतम मजदूरी, कार्यस्थल पर औजार व फर्स्ट एड तथा 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग दोहराई। सभा में मजदूरों ने ब्लॉक, जिला, प्रांत व राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया। इस अवसर पर पवन सिंह, सतवीर सिंह, विक्रम, रफीक, सोनिया और सुभाष मौजूद रहे।