जींद। लंबे समय से प्रॉपर्टी कर और फायर कर जमा नहीं कराने वाले पांच बड़े संपत्ति धारकों के खिलाफ नगर परिषद जींद अब सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। परिषद ने इन संपत्तियों को सील करने के लिए जिला नगर आयुक्त से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति और पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने की मांग की है।
परिषद की ओर से भेजे गए पत्र में कार्रवाई के लिए 10 सितंबर 2026 की तारीख प्रस्तावित की गई है। जिन संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी है उनमें शहर के प्रमुख होटल और औद्योगिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील भुक्कल की ओर से 31 अगस्त को जिला नगर आयुक्त को भेजे पत्र में बताया गया है कि संबंधित संपत्ति धारकों को कर जमा कराने के लिए कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
प्रत्येक संपत्ति धारक को चार-चार नोटिस दिए जाने के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं कराई गई। इसके बाद परिषद ने हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट-1973 की धारा 98ए के तहत संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है।
नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार, सबसे अधिक बकाया होटल दीप पैलेस पर है। इस संपत्ति पर वर्ष 2026-27 तक प्रॉपर्टी कर और फायर कर के रूप में 68,60,750 रुपये बकाया हैं। इसके बाद होटल शाही महल पर 15,12,044 रुपये और होटल उत्तम पैलेस पर 11,89,905 रुपये बकाया हैं।
इसी तरह गोपी राम कॉटन, ऑयल एंड जनरल मिल पर 10,18,357 रुपये और होटल ब्लू स्टार पर 6,49,960 रुपये का कर बकाया बताया गया है। इन पांचों संपत्तियों पर कुल बकाया राशि करीब 1.12 करोड़ रुपये है।
10 सितंबर को कार्रवाई के लिए 25 पुलिसकर्मी मांगे
नगर परिषद ने प्रस्तावित कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन से एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट, 15 पुलिसकर्मी और 10 महिला पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। प्रशासन की स्वीकृति और पुलिस बल मिलने के बाद 10 सितंबर को संबंधित संपत्तियों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। संपत्ति धारकों को चार-चार बार नोटिस भेजे जा चुके हैं लेकिन इसके बावजूद कर जमा नहीं कराया गया।
वर्जन
बकाया कर की वसूली के लिए संबंधित संपत्तियों को हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट-1973 की धारा 98ए के तहत सील करने की कार्रवाई की जानी है। अब जिला प्रशासन की स्वीकृति और पुलिस बल मिलने के बाद परिषद की टीम 10 सितंबर को इन संपत्तियों पर कार्रवाई की जाएगी। शहर में लंबे समय से कर बकाया रखने वाले अन्य संपत्ति धारकों के लिए भी यह बड़ा संदेश माना जा रहा है।
-सुशील भुक्कल, ईओ नगर परिषद जींद।