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निजी स्कूल संचालक स्कूल खोलने पर अड़े, डीसी बोले, होगी कार्यवाही

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डीसी डॉ. आदित्य दहिया। - फोटो : Jind
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जिले में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच सरकार के पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद करने के निर्देश दिए हैं। मगर निजी स्कूल अब इसका खुलकर विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने स्कूल संचालकों से कहा कि यदि उन्होंने स्कूल खोले तो आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। स्कूल का स्टाफ स्कूल में आकर अपना अन्य कार्य कर सकता है, लेकिन छोटे बच्चों को स्कूल नहीं बुला सकते हैं। वहीं स्कूल संचालकों ने कहा कि प्रशासन ने यदि स्कूल बंद किए तो वह स्कूल व बसों की चाबियां प्रशासन को सौंप देंगे।
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डीसी ने कहा कि 30 अप्रैल तक पहली से आठवीं कक्षा तक के स्कूल बंद किए गए हैं। लेकिन इस दौरान शिक्षकों को नियमित रूप से स्कूलों में आना होगा। स्कूलों में दाखिले, परीक्षा परिणाम तैयार करने तथा अन्य आवश्यक प्रशासकीय कार्यों के समय पर निपटान के लिए शिक्षकों को कोरोना के नियमों का पालन करते हुए स्कूल में आना होगा। विद्यालयों में कोरोना वायरस से बचाव के सभी प्रबंध किए जाएं। शिक्षण तथा गैर शैक्षणिक कर्मचारी मास्क व शारीरिक दूरी के नियमोें का पालन करें। सैनिटाइजेशन, हाथों को धोने और स्वच्छता रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद किया गया है।
उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि समयावधि के दौरान केंद्रों को लॉकडाउन के समय की भांति चलाया जाए। पूरक आहार वितरण कार्यक्रम जारी रखा जाए। डीसी ने कहा कि यदि किसी भी स्कूल या अन्य स्थान पर नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उनके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं निजी स्कूल संचालकों ने पहले ही प्रशासन को 15 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दे रखा है।
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स्कूल संचालकों का कहना कि यदि प्रशासन ने जबरदस्ती स्कूल बंद करवाने का प्रयास किया तो वह 15 अप्रैल को स्कूलों व बसों की चाबियां प्रशासन को सौंप देंगे।
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