नियम 134- ए के तहत शिक्षा विभाग द्वारा निजी स्कूलों के लिए गत साल का बजट जारी किया गया है। पिछले साल निजी स्कूलों के लिए नियम 134-ए- के तहत कक्षा एक से आठ तक 1069 विद्यार्थियों को पढ़ाने की एवज में निजी स्कूलों को एक साल का कुल बजट 44,44, 800 रुपये है। नियम 134-ए- के तहत गरीब बच्चों को दाखिला देने वाले निजी स्कूलोें को सरकार की ओर से फीस प्रदान की जाएगी। सरकार के इस कदम के चलते गरीब बच्चों का अच्छे और निजी स्कूलों में पढ़ने का सपना साकार होगा। दूसरी ओर सरकार ने पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए निजी स्कूलों को दिए जाने वाले फंड में इजाफा किया है।
जिले में सबसे ज्यादा बजट जींद ब्लॉक के लिए आया है। जींद ब्लॉक में कक्षा एक से आठ के लिए 22,11, 600 रुपये का बजट जारी किया गया है। वहीं सफीदों ब्लॉक के लिए 73, 32, 00 का बजट आया है। शिक्षा विभाग द्वारा नियम 134-ए के तहत पिछले साल का बजट जारी होना एक ओर जहां विद्यार्थियों के लिए राहत है, वहीं निजी स्कूलों के लिए भी यह सौगात है। निजी स्कूल काफी समय से 134-ए के तहत गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार से फीस देने की मांग करते रहे हैं। हालांकि निजी स्कूलों ने शिक्षा विभाग द्वारा प्रति छात्र जो राशि जारी की गई है, उसे नाकाफी बताया है। शिक्षा विभाग द्वारा जो राशि मंजूर की गई है, उसमें कक्षा एक से पांच तक प्रति छात्र 300 रुपये प्रति माह जारी की गई है। वहीं कक्षा छह से आठ के लिए प्रति छात्र 500 रुपये दी गई है। साल 2015-16 में जिले में कक्षा एक से पांच तक नियम 134-ए- के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वालों की संख्या 572 है, वहीं कक्षा छह से आठ तक छात्र संख्या 497 है।
कक्षा एक से पांच
ब्लॉक छात्र संख्या राशि
जींद 277 997200
जुलाना 46 165600
नरवाना 30 108000
पिल्लूखेड़ा 23 82800
सफीदों 93 334800
उचाना 80 288000
अलेवा 23 82800
कुल 572 2059200
कक्षा छह से आठ
ब्लॉक छात्र संख्या राशि
जींद 253 1214400
जुलाना 32 153600
नरवाना 30 144000
पिल्लूखेड़ा 18 86400
सफीदों 83 398400
उचाना 71 340800
अलेवा 10 48000
कुल 497 2385600
नोट राशि रुपयों में है।
2016-17 के लिए प्रति छात्र निर्धारित फीस
प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा 2016-17 शैक्षणिक सत्र के लिए 134-ए- के तहत निजी स्कूलों को प्रति छात्र दी जाने वाली फीस में इजाफा किया है। इस बार पहली से पांचवीं कक्षा तक ग्रामीण क्षेत्र में 300 रुपये व कक्षा छह से आठ तक 500 रुपये प्रति छात्र निजी स्कूलों को दी जाएगी। वहीं शहरी क्षेत्र के स्कूलों में कक्षा एक पांच तक प्रति छात्र 500 रुपये व कक्षा छह से आठ तक 700 रुपये फीस दी जाएगी।
निजी स्कूलों से दाखिला देने की अपील, मांग रहेगी जारी
निजी स्कूलों की मांग सरकारी स्कूलों में प्रति बच्चे पर जो 2300 रुपये प्रति महीना खर्च किया जाता है, वह राशि निजी स्कूलों को दी जाए। प्रदेश सरकार ने बजट की कमी होने का हवाला दिया है। इसलिए बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए निजी स्कूल 134-ए- के तहत दाखिले रहे हैं। मेरी सभी निजी स्कूलों से अपील है कि वे अपने यहां बच्चों को दाखिला दे। संघ की सरकारी स्कूलों में खर्च होने वाली प्रति छात्र राशि दिए जाने की मांग जारी रहेगी।
- नरेश बराड़, जिला प्रधान
प्राइवेट स्कूल संघ।
खंड स्तर पर वितरित किया जाएगा बजट
विभाग की तरफ से जो बजट जारी हुआ है, वह खंड स्तर पर निजी स्कूलों को वितरित किया जाएगा। निजी स्कूलों से उनके यहां पढ़ने वाले बच्चों की संख्या व डिमांड मांगी गई है, जो स्कूल डिमांड भेजेगा, उसे बजट जारी कर दिया जाएगा।
सत्यवती, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
जींद।