29जेएनडी25: शहर की अनाजमंडी में सरसों की सफाई करते हुए मजदूर। संवाद
जींद। शहर की अनाजमंडी में सरसों की सरकारी खरीद 28 मार्च से शुरू हुई है। इसके दो दिन बीतने के बाद भी सरकारी दुकान पर एक किसान ने भी सरसों नहीं बेची। अब तक 6951 क्विंटल सरसों की प्राइवेट खरीद हुई है। वहीं 5813 क्विंटल सरसों का उठान हुआ है।
मंडी में निजी दुकानों पर सरसों के किसानों को ज्यादा दाम मिल रहे हैं। सरसों का सरकारी दाम 6200 रुपये प्रति क्विंटल है जबकि निजी दुकानों पर सरसों 6900 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। शनिवार को प्राइवेट खरीद 7100 रुपये प्रति क्विंटल थी। सरकारी एजेंसी पर कम भाव मिलने के कारण किसान सरसों प्राइवेट एजेंसी को बेच रहे हैं।
इसके चलते मंडियों में 1210 क्विंटल सरसों ही बची है। मौसम को देखते हुए मंडी से प्रतिदिन सरसों का उठान साथ के साथ करवाया जा रहा है ताकि बरसात में सरसों खराब न हो जाए। प्राइवेट खरीद पर किसान एक से दो घंटे में ही सरसों बेचकर वापस जा रहे हैं। इसके कारण मंडी में किसी किसान को परेशानी नहीं हो रही।
वर्जन
दो दिन में कोई भी किसान सरसों को सरकारी दुकान पर नहीं लेकर आ रहा। इसका कारण है कि प्राइवेट पर किसानों को ज्यादा दाम मिल रहे हैं। किसानों को मंडी में निजी दुकानों पर सरसों बेचने में कोई परेशानी नहीं आ रही।
-संजीव कुमार, मंडी सचिव जींद।