जींद। नागरिक अस्पताल के पास खड़े निजी एंबुलेंस चालक अब सरकारी अस्पताल की एंबुलेंस को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वह नागरिक अस्पताल में खड़ी सरकारी एंबुलेंस से सामान चोरी कर रहे हैं। 25 अप्रैल को एक सरकारी एंबुलेंस का मॉनिटर चोरी हो गया। जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की गी तो एक निजी एंबुलेंस चालक सामने आया और उसने मॉनिटर चोरी की बात स्वीकार कर ली।अब स्वास्थ्य अधिकारी इस मामले को रफा-दफा करने की फिराक में हैं, लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस शिकायत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग मामले को दबाने की कोशिश क्यों कर रहा है।
लगभग दो साल पहले निजी एंबुलेंस चालकों को मरीजों को नागरिक अस्पताल लाने के बजाय निजी अस्पताल लेकर जाने पर पकड़ा गया था। नागरिक अस्पताल से मरीज को पीजीआई रोहतक, मेडिकल कॉलेज खानपुर या फिर अग्रोहा रेफर किया जाता है। जब कोई मरीज निजी एंबुलेंस में जाता है तो एंबुलेंस चालक उनको निजी अस्पतालों में लेकर चले जाते हैं। इन एंबुलेंस चालकों की निजी अस्पताल संचालकों से सांठगांठ होती है। दो साल पहले इस प्रकार का मामला सामने आने के बाद निजी एंबुलेंस वालों को नागरिक अस्पताल के आसपास नहीं खड़ा होने दिया जा रहा था। अब फिर वही हालात हो गए हैं। अब निजी एंबुलेंस नागरिक अस्पताल के अंदर तक पहुंच जाती हैं।
मॉनिटर चुराकर बोला मैं वापस कर दूंगा
जिस निजी एंबुलेंस चालक ने सरकारी एंबुलेंस का मॉनिटर चुराया है, वह सीसीटीवी फुटेज में पकड़ा गया तो काफी संख्या में निजी एंबुलेंस चालक सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल तथा एंबुलेंस के नोडल अधिकारी डॉ. रवि राणा से मिले। एंबुलेंस चालकों ने कहा कि जिस चालक ने मॉनिटर चुराया है वह वापस कर देगा और भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेगा। स्वास्थ्य विभाग ने माॅनिटर चोरी की शिकायत पुलिस को दे दी है, लेकिन अब इस मामले में क्या होगा सोमवार को फिर होने वाली बैठक में तय होगा।
अस्पताल में पहले भी हुई है चोरी
ऐसा नहीं है कि चोरी का यह पहला मामला है। इससे पहले भी नागरिक अस्पताल से सामान चोरी हो चुका है। डेढ़ साल पहले एक एंबुलेंस से सिलिंडर चोरी हो गया था। दो साल पहले एक एंबुलेंस से काफी उपकरण चोरी हुए थे, जिनका आज तक पता नहीं चला। वैसे भी रात के समय नशेड़ी किस्म के लोग नागरिक अस्पताल में घूमते रहते हैं। एक बार सिक्योरिटी गार्ड ने एक नशेड़ी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
25 अप्रैल को एक एंबुलेंस से मॉनिटर चोरी हो गया था। उसका पता लग गया है। कुछ एंबुलेंस चालकों ने कहा कि वह सरकारी मॉनिटर को वापस कर देंगे। पुलिस को शिकायत दी थी। अब सोमवार को फिर से बैठक होगी। इसमें चोर को माफ भी किया जा सकता है या फिर पुलिस को सौंपा जा सकता है। सीसीटीवी फुटेज में चोर सामने आया है। -डॉ. रवि राणा, नोडल अधिकारी एंबुलेंस।
27जेएनडी10 : सीसीटीवी फुटेज में निजी एंबुलेंस को सरकारी एंबुलेंस के पास खड़ा करता एक चालक।