जींद। जिला कारागार में पीने के पानी की समस्या को लेकर बुधवार दोपहर को कैदियों व बंदियों ने खाने का बहिष्कार कर दिया और भूख हड़ताल शुरू कर दी। कैदियों तथा बंदियों द्वारा खाना छोड़ने की सूचना मिलने पर जेल अधिकारी उनके बीच पहुंचे और बताया कि जिस ट्यूबवेल से जेल में पानी की सप्लाई दी जाती है, वह खराब हो गया है। इस कारण समस्या हुई है। जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा। अन्य मांगों के बारे में उन्होंने जेल मैन्युअल के बारे में बताया। इस पर अधिकारियों की बात पर कैदी तथा बंदी सहमत हो गए और भूख हड़ताल को समाप्त कर दिया। वहीं जेल अधिकारियाें का कहना है कि जेल में कोई भूख हड़ताल नहीं की थी, कुछ कैदियों व बंदियों ने पानी की समस्या से अवगत करवाया था।
बुधवार दोपहर को कैदियों तथा बंदियों ने जिला कारागार में पानी तथा अन्य मांगों को लेकर खाने का बहिष्कार कर दिया और भूख हड़ताल शुरू कर दी। कैदियों तथा बंदियों ने पानी की समस्या के बारे में मुलाकात के दौरान अपने परिजनों को बताया। कुछ बंदियों तथा कैदियों ने फोन पर भी पेयजल की समस्या के बारे परिजनों को बताया। मामला जेल अधिकारियों तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा। इस पर जेल अधिकारी कैदी तथा बंदियों के बीच पहुंचे और बताया कि जिस ट्यूबवेल से कारागार में पानी सप्लाई होता है, वह ट्यूबवेल खराब हो गया। इसपर कार्य तेजी से जारी है। दूसरे ट्यूबवेल से काम चलाऊ सप्लाई दी जा रही है, उसमें प्रेशर नहीं आ रहा है। इस कारण दिक्कत हो रही है। कुछ कैदियों तथा बंदियों ने जींस पेंट तथा हॉफ पेंट जेल के अंदर आने देने की मांग की। इस पर जेल अधिकारियों ने उनकी मांग जेल मैनुअल के विपरीत बताया और कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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पहले डीसी कॉलोनी के ट्यूबवेल से कारागार में पानी की सप्लाई होती थी। वह ट्यूबवेल खराब हो गया। अब जनस्वास्थ्य विभाग ने दूसरे ट्यूबवेल से सप्लाई जोड़ दी है। इसमें प्रेशर कम है। कुछ बंदी व कैदी बाहर से सामान की मांग कर रहे थे, जो नियमों के विरुद्ध है। पानी की समस्या का बहाना करके कैदी व बंदी बाहर से अपने परिजनों के द्वारा दिए जाने वाले सामान की मांग मनवाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता। कुछ कैदी व बंदियों ने खाना छोड़ दिया था। सभी को समझा दिया है। फिलहाल कोई समस्या नहीं है।
- संजीव बुधवार, जेल अधीक्षक