जींद। जिला अतिरिक्त सत्र न्यायधीश अदालत में दूसरे मामले में सजा काट रहे पेरोल पर आए कैदी ने पेशी से हाजिरी माफी देने के लिए फर्जी मेडिकल दिया।
अदालत ने एसएचओ सदर सफीदों को भेजकर सीएचसी मुआना से रिकॉर्ड मांगा और मामले की जांच करके रिपोर्ट देने बारे आदेश दिए तो एसएचओ सदर की रिपोर्ट में उक्त मेडिकल संजय उम्र 25 साल का मिला।
इसकी जांच एसएमओ मुआना ने की। इस पर अदालत ने सिविल लाइन थाना पुलिस को उपरोक्त आरोपी रणदीप उर्फ काला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जांच करने बारे आदेश देते हुए उपरोक्त आरोपी व संबंधित रिकॉर्ड की एक प्रति सिविल लाइन थाना को देकर मामले में आरोपी द्वारा अदालत को फर्जी मेडिकल के आधार पर गुमराह करने के मामले की एफआईआर दर्ज करके जांच करने के आदेश दिए।
जिला अतिरिक्त सत्र न्यायधीश जयवीर सिंह की अदालत में 17 अप्रैल को गोली चलाकर हत्या का प्रयास करने के मामले की सुनवाई थी। इस दौरान पहले से ही दूसरे मामले में सजा काट रहे रणदीप उर्फ काला को पेश होना था, लेकिन उसने अपने वकील के माध्यम से मेडिकल (पर्ची) अदालत में देकर अदालत से हाजिरी माफी की अपील की।
इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई की तारीख 23 मई निर्धारित कर दी थी। 23 मई को आरोपी रणदीप उर्फ काला अदालत में पेश हुआ तो अदालत ने आरोपी से पूछा कि 17 अप्रैल को आप कहां थे। इस पर आरोपी ने कहा कि वह बीमार था।
इस पर अदालत ने उसके द्वारा अदालत में हाजिरी माफी के लिए दी गई अर्जी के साथ मेडिकल पर्ची की जांच करवाने बारे बार-बार आरोपी से पूछा गया, जिस पर आरोपी ने अदालत को बार-बार बताया कि यह असली है और उसकी ही है, क्योंकि उसमें नाम और उम्र के साथ छेड़छाड़ की गई थी। मामले की जांच करने के लिए अदालत ने चार बार आरोपी से पूछा, लेकिन आरोपी अपनी बात पर अडिग रहा।
अदालत ने उक्त मेडिकल पर्ची कोर्ट के अधिकारी को सौंपते हुए जांच करवाने बारे आदेश दिए। इसकी जांच एसएचओ सदर सफीदों ने की तो उक्त पर्ची संजय उम्र 25 साल के नाम की मिली।