कुकर्म के दोषी लाखनमाजरा निवासी 26 वर्षीय संदीप ने जिला कारागार के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक के पैर पर डीएसपी और एक अन्य पुलिसकर्मी का नाम लिखा हुआ मिला, जिसमें लिखा है कि वह इनकी प्रताड़ना से तंग होकर आत्महत्या कर रहा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। युवक के परिजनों ने भी मौत पर संदेह जताते हुए गंभीर आरोप लगाए।
ज्यूडिशिल मजिस्ट्रेट की देखरेख में शव को फांसी के फंदे से उतार नागरिक अस्पताल पहुंचाया। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के समक्ष परिजनों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। लाखनमाजरा निवासी संदीप कुकर्म के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा है। उसके पर सफीदों हलका के एक गांव में किशोर से कुकर्म करने के आरोप में सफीदों सदर पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी।
वह 17 अक्तूबर 2023 से बंद था। उसे एडिशनल सेशन जज की अदालत से 20 साल की सजा सुनाई गई थी। रविवार रात को संदीप ने फांसी का फंदा लगा आत्महत्या कर ली। घटना का सोमवार सुबह उस समय पता चला, जब अन्य कैदी सोकर उठे और संदीप को फांसी के फंदे पर लटकते पाया। इसकी सूचना जेल अधिकारियों को दी गई। घटना की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस तथा मृतक के परिजनों और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को दी गई। परिजनों ने मृतक संदीप की मौत पर संदेह जताया। इस मामले में एक सोशल मीडिया पर ऑडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पत्थरी के दर्द से परेशान था संदीप, जेल प्रशासन ने नहीं करवाया इलाज
संदीप के पिता वासुदेव और मां गुलाबो का कहना था कि साल 2023 से संदीप को पत्थरी की बीमारी थी। इसको लेकर वह परेशान रहता था। आरोप लगाया कि जेल प्रशासन उसका इलाज भी नहीं करवा रहा था। शनिवार को वह जेल में संदीप से मुलाकात करने आए थे। उस समय संदीप ने आरोप लगाया था कि जेल प्रशासन उसे तंग कर रहा है और ना ही उसका इलाज करवा रहा है। आरोप लगाया कि जेल प्रशासन ने ही उसके बेटे की हत्या की है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा मामले की जांच की जा रही है। चिकित्सक बोर्ड से मृतक का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। संदीप की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हो पाएगा।
-आशीष कुमार, प्रभारी, सिविल लाइन थाना जींद
इस मामले की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं। युवक के पैर पर कुछ लिखा जरूर मिला है। बाकी इसकी जांच ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कर रहे हैं।
-दीपक शर्मा, एसपी, जिला जेल जींद