किलोई में जगमगाता प्राचीन शिव मंदिर धाम। संवाद
रोहतक। शिवरात्रि पर्व को लेकर प्राचीन शिव मंदिर किलोई धाम में तैयारियां जोरो-शोरों से चल रही हैं। शिवरात्रि पर्व की साज-सज्जा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 300 साल से किलोई शिव धाम श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। सावन में शिव दर्शन के लिए श्रद्धालु अभी से ही पहुंचने लगे हैं। डाक कांवड़ लाने वाले शिव भक्त मंदिर में मत्था टेक कर हरिद्वार की ओर से रवाना हो रहे हैं। किलोई शिव मंदिर में दूर-दूर के श्रद्धालु पूर्जा-अर्चना के लिए आते हैं। शिव मंदिर धाम ट्रस्ट के पदाधिकारियों बताया कि प्रत्येक सोमवार को सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पूजा-पाठ करने आ रहे हैं।
ग्रामीण कमल अत्री ने बताया कि वर्ष 1776 में मंदिर की स्थापना हुई थी। सबसे पहले गांव के निवासी बख्शीराम गर्ग को मिट्टी के टीले के नीचे शिवलिंग दिखा। एक मीटर शिवलिंग की पुष्टि भी पुरातत्व विभाग ने की है। इसके बाद से किलोई शिव मंदिर धाम लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवलिंग का आकार भी कई वर्षों से बढ़ नजर आ रहा है।
किलोई में जगमगाता प्राचीन शिव मंदिर धाम। संवाद