08जेएनडी08: बैठक में भाग लेते हुए मिड डे मील वर्कर। संवाद
जुलाना। कस्बे के लेबर शेड में मिड-डे मील वर्कर की बैठक खंड प्रधान प्रेम सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला उपप्रधान सुरेश करसोला और मजदूर नेता सुभाष पांचाल ने कहा कि राज्य में 30 हजार व देश में 25 लाख के करीब मिड-डे मील वर्कर काम कर रही हैं, जो देश के 12 करोड़ बच्चों के लिए दोपहर का भोजन बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण का दावा करने वाली केंद्र सरकार की ओर से पिछले 11 साल से मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय में एक रुपये की भी बढ़ोतरी नहीं की गई। केंद्र सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति(एनइपी)-2020 लेकर आई है। इसमें कम बच्चों वाले स्कूलों को बंद किया जा रहा है और स्कूल मर्ज किए जा रहे हैं। देशभर में इसके चलते काफी स्कूल बंद हो चुके हैं। हरियाणा सरकार 5000 स्कूलों को बंद कर चुकी है। इनमें अधिकतर लड़कियों के प्राथमिक स्कूल हैं। सरकार की इन्हीं नीतियों के चलते पिछले 10 साल में ही देश में करीब दो लाख मिड-डे मील वर्कर्स का रोजगार छीना गया है। बैठक में नौ सदस्यीय कमेटी का चुनाव किया गया, इसमें प्रेम को ब्लॉक प्रधान, कमलेश को सचिव, सरला देवी को खजांची, उप प्रधान अनीता को सर्वसम्मति से चुना गया। इस अवसर पर कविता, राजवंति, राधा देवी, मीना, रजनी, रेमन, सुमन, सरोज, पिंकी रही।