जींद। मानसून की दस्तक के बाद मौसम विभाग ने अंदेशा जताया है कि आगामी छह से नौ जून तक जिला में भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में शहर में जलभराव व कई अन्य तरह की समस्याएं पैदा होंगी। जिसको देखते हुए डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी किया है कि आगामी छह से नौ जुलाई तक आकस्मिक अवकाश को मंजूर न किया जाए।
सभी विभागाध्यक्ष भी बिना सूचना के मुख्यालय न छोड़ें। यदि किसी भी कर्मचारी को विकट परिस्थितियों में अवकाश स्वीकृत किया जाता है तो उसकी सूचना डीसी कार्यालय को भिजवाना सुनिश्चित किया जाए। गौरतलब है कि दो दिन पहले हुई तेज बारिश ने ही प्रशासन के जल निकासी के दावों की पोल खोल दी थी। शहर की कोई ऐसी सड़क नहीं थी, जो बरसाती नालों में तबदील नजर नही आई हो। मौसम विभाग ने चेताया है कि आगामी छह से नौ जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा जलभराव की समस्या से निपटने के लिए गठित टीमों को हर प्रकार की तैयारी रखें। बाढ़ नियंत्रण टीमें चौबीस घंटे बरसात में शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखें और जलभराव की स्थिति से निपट सके। जलभराव की समस्या के निपटान हेतु शहरी क्षेत्र में 49 फिक्स पंप सेट तथा पांच मोबाइल पंप सेट हैं। सिंचाई विभाग के 132 फिक्स पंप सेट, 45 डीजल पंप सेट तथा 132 इलेक्ट्रॉनिक्स पंप सेटों की व्यवस्था है। सभी पंप सेट चालू हालात में है।
धूप और उमस ने किया बेहाल
वीरवार को दिन में मौसम साफ रहा। धूप और उमस ने लोगों को बेहाल किया। शाम को हवा चलने और बादल छाने से गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 35 तो न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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मानसून के सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन के लिए सभी अधिकारी गंभीरता से काम करें और किसी भी सूरत में पानी इक्ट्ठा न हो इसके लिए पंप सेटों को दुरूस्त रखें। जिस भी क्षेत्र में पानी एकत्रित होता है, उस क्षेत्र में प्वाइंट वाइज अधिकारियों की ड्यूटियां निर्धारित करें ताकि उस क्षेत्र की पानी निकासी तुरंत की जा सके।
मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद।