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जिले में खतरनाक स्तर पर पहुंचा प्रदूषण

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सड़क पर पड़ी मिट्टी से उड़ रही धूल। - फोटो : Jind
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भले ही प्रशासन प्रदूषण रोकने के लिए तमाम दावे कर रहा है, लेकिन शहर में प्रदूषण का स्तर बहुत ही खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। वीरवार को जींद में एक्यूआई 500 तक पहुंच गया। प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक माना जाता है। ऐसे में चिकित्सक घर से बाहर नहीं निकलने तक की सलाह दे रहे हैं।
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करीब एक महीने से जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। प्रशासन प्रदूषण का स्तर कम करने के दावे तो कर रहा है, लेकिन इसके परिणाम जमीन पर नहीं दिखाई दे रहे हैं। अब प्रशासन ने उन लोगों के चालान काटने का फैसला लिया है, जो प्रदूषण फैला रहे हैं। प्रदूषण का स्तर कई दिनों से बढ़ रहा है। इसके चलते डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने निर्देश जारी कर पानी का छिड़काव व धूल उड़ाने वाले अन्य कारकों पर रोक लगाने के लिए कहा था, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। वीरवार को प्रदूषण का स्तर इस मौसम का सबसे खतरनाक स्तर तक जा पहुंचा है। ऐसे में अब लोगों को संभल कर रहने की जरूरत है। प्रदूषण का इतना अधिक स्तर फेफड़ों पर सीधा असर डालता है। वहीं लोगों को अपने काम के लिए बाहर निकलना पड़ता है, जिससे लोगों के बीमार होने का खतरा बढ़ रहा है।
लापरवाही से बढ़ रहा है प्रदूषण
जिले में चल रहे विकास कार्यों में लापरवाही से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। वहीं जींद शहर में ही न तो कहीं पानी का छिड़काव हो रहा है और न ही धूल रोकने के लिए कोई अन्य व्यवस्था की जा रही है।
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सावधानी बरतने की जरूरत
प्रदूषण का स्तर इस प्रकार से बढने से विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सांस के रोगियों को चाहिए कि वे बाहर नहीं निकलतें। यदि निकलना ही पड़े तो अपने साथ जरूरी दवा रखें व मुंह और नाक पर कपड़ा रखें। दिन में बार-बार सामान्य पानी से आंखों व चेहरे को धोते रहें। गरारे भी करें, इससे गले में गए प्रदूषण के करण साफ होंगे।
डॉ. नरेश वर्मा, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल जींद।
50 एक्यूआई तक माना जाता है अच्छा
स्वास्थ्य के लिए 50 एक्यूआई तक अच्छा माना जाता है। इसके बाद 51 से 100 एक्यूआई तक संतोषजक, 101 से 200 तक मध्यम स्तर, 300 तक खराब, 400 तक बहुत खराब व 500 तक बहुत गंभीर माना जाता है। अब जींद में प्रदूषण का स्तर सबसे अधिक हो गया है।
नगर परिषद काटेगी चालान
यह सही है कि जींद शहर में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। हालांकि गांवों में स्थिति इतनी खराब नहीं है। इसके लिए शुक्रवार से नगर परिषद उन लोगों का चालान करेगी, जो मिट्टी उड़ा रहे हैं या प्रदूषण फैला रहे हैं। वहीं नियमित रूप से पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही शहर में चल रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की भी योजना बनाई जा रही है। शहर से बाहर जहां-जहां मिट्टी के काम चल रहे हैं, वहां नियमोें का पालन सुनिश्चित करवाया जाएगा। हालांकि वहां काम बंद करवाने की योजना नहीं है।
डॉ. आदित्य दहिया।
नगर परिषद को भेजा है नोटिस
जिला में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इसके चलते सभी नगर परिषद व पालिकाओं को नोटिस भेजा गया है। जींद नगर परिषद को विशेषतौर पर नोटिस दिया है। इसमें नगर परिषद के अधीन आने वाले क्षेत्र में जहां-जहां धूल उड़ती है, वहां पानी का छिड़काव सुनिश्चित करवाने को कहा गया है।
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राजेंद्र शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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