ईएसआई द्वारा करनाल अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित व्यक्ति को गिरफ्तारी में समय देने के बदले में रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी द्वारा आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के लिए बुधवार को सुनील कपूर नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया था, जिसमें एक पुलिस कर्मी दो हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में पुलिस कर्मचारी किसी व्यक्ति से बात कर रहा है। इसमें वह व्यक्ति किसी फरार अपराधी को 10 फरवरी तक गिरफ्तार नहीं करने के लिए कह रहा है। इस पर पुलिस कर्मचारी अन्य स्टॉफ के लिए छह बोतल शराब मांगता है, मगर वह शराब नहीं छूने की बात कहते हुए उसे दो हजार रुपये देता है। रुपये लेकर वह भगोड़े को दस फरवरी तक गिरफ्तार नहीं करने का आश्वासन देता है। इतना ही नहीं दस फरवरी तक समझौते का समय देता है। वीडियो बनाने वाले का चेहरा नहीं दिखाई दे रहा है, मगर वीडियो को सुनील कपूर ने अपनी फेसबुक पर डालकर वायरल किया है। इसके अलावा उसने वीडियो को गृहमंत्री अनिल विज, डीजीपी, आईजी व जींद एसपी अश्विनी शैणवी को भेजा था। इसकी जांच डीएसपी चंद्रपाल को सौंपी गई थी। अब इस मामले में पुलिस कर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
डीसी ऑफिस की महिला के वायरल वीडियो मामले में नहीं हुई कार्रवाई
हालांकि पुलिस विभाग ने रिश्वत का वीडियो वायरल होने के अगले ही दिन कार्रवाई कर दी, लेकिन डीसी ऑफिस की महिला कर्मचारी की रिश्वत लेने का वायरल वीडियो पर एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह शनिवार को सुनील कपूर ने ही डीसी ऑफिस की नकल शाखा की महिला कर्मचारी पूनम सैनी का वीडियो वायरल किया था। इस पर सुनील कपूर व उसके साथी पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा था। इस पर एफआईआर भी दर्ज हुई। दूसरी तरफ सुनील कपूर की शिकायत पर आरोपी महिला कर्मचारी, वीडियो बनाने वाले भारत भूषण उर्फ रिंकू पंडित व विजय कुमार सहित एक अन्य पर भी एफआईआर हो चुकी है। इसके बावजूद महिला कर्मचारी पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। डीसी डॉ. आदित्य दहिया के अनुसार उन्हें लिखित शिकायत नहीं मिली है। इसके बाद ही जांच व कार्रवाई हो सकती है।