शिकायतकर्ता का बयान
अजय नैन ने बताया कि उनका पोल्ट्री का व्यवसाय नरवाना और जींद में है। वह हरियाणा और पंजाब के विभिन्न फार्मों से तैयार मुर्गे खरीदकर दिल्ली में बेचते हैं। 22 मई को ड्राइवर अंकित (निवासी हसनपुर) और फिरोज खान (निवासी बडौदी) को मुर्गे लेकर दिल्ली भेजा गया था। उन्हें वापसी में 5 लाख 17 हजार 600 रुपये की नकद राशि लाने को कहा गया था। 23 मई को जींद-गोहाना रोड पर जलेबी चौक के पास कथित तौर पर ब्रेजा कार सवार छह युवकों ने कैंटर रोककर अंकित के साथ मारपीट की और उसके हाथ पर तेजधार हथियार से चोट पहुंचाकर राशि लूट ली।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली साजिश की पोल
पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की, जिसमें कोई ब्रेजा कार या पांच-छह युवकों का कोई सबूत नहीं मिला। फुटेज में दिखा कि कैंटर चालक फिरोज खान ने जानबूझकर गाड़ी धीरे चलाई और टेलीफोन के जरिए नवीन उर्फ भूरिया और अभिषेक उर्फ छोटा को बुलाया। इन दोनों ने मिलकर फर्जी मारपीट का नाटक रचा और रुपये छीनने की झूठी कहानी गढ़ी। सिविल लाइन थाना पुलिस और सीआईए स्टाफ की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी संजय सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है, और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है।
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