पठानकोट में आतंकवादी हमले के बाद जिले में अलर्ट चल रही पुलिस ने सामान्य बस स्टैंड पर सोमवार अल सुबह घूम रहे एक विदेशी सहित दो लोगों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया। सूचना पाकर आईबी और सीआईडी की टीम बस स्टैंड पर पहुंच गई। दोनों टीमों ने बस स्टैंड चौकी में दोनों से लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की। सब कुछ सही मिलने पर दोनों को छोड़ दिया।
विदेशी युवक की पहचान फ्रांस निवासी लोरेनजो और दूसरे की राजपुरा पंजाब निवासी भास्कर के रूप में हुई। खुफिया एजेंसियों ने लोरेनजो के कागजातों की जांच की। इसमें लोरेनजो का भारत का मल्टी सिटी का टूरिस्ट वीजा था। जबकि राजपुरा पंजाब निवासी भास्कर उसके गाइड के तौर कार्य कर रहा है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों युवक रविवार को आगरा भ्रमण करने के बाद देर शाम दिल्ली पहुंचे।
दिल्ली से उन्होंने रोहतक पहुंचने के लिए ट्रेन ली, लेकिन रात का समय होने के कारण उनको नींद आ गई और रोहतक निकलने के बाद खुली। इसके बाद वह जींद के रेलवे स्टेशन पर उतर गए और वहां से ऑटो लेकर बस स्टैंड पहुंचे। दोनों के पास बड़े-बड़े बैग देखकर पुलिस को शक हुआ और उनको हिरासत में ले लिया।
पहुंचना था गोहाना
पुलिस पूछताछ में पंजाब निवासी भास्कर ने खुलासा किया कि उसकी पहचान फ्रांस निवासी लोरेनजो से राजस्थान के भरतपुर में हुई। जहां से वह उसके गाइड के तौर पर कार्य करने लगा। इसके बाद वह उसे राजस्थान के विभिन्न शहरों के बाद आगरा का भ्रमण कराकर सोमवार को गोहाना के श्रीशरणम आश्रम में पहुंचना था। जहां पर उसने लोरेनजो को धार्मिक कार्यक्रम दिखाना है। इस धार्मिक कार्यक्रम में भास्कर की मां भी शामिल होने के लिए आई हुई है।
खुफिया एजेंसियों ने भास्कर की मां से ली पूरी जानकारी
विदेशी के साथ हिरासत में लिए पंजाब निवासी भास्कर की भी पुलिस ने गहनता से पूछताछ की। इस दौरान खुफिया एजेंसियों के कर्मचारियों ने विदेशी लोरेनजो के कागजात सही मिलने के बाद भास्कर के रिकार्ड के बारे में खंगाला। इस दौरान पुलिस ने भास्कर की मां से फोन के माध्यम से बात की और उसके पते के बारे में जानकारी ली। जहां पर मां व बेटे की बातों में मिलान होने पर पुलिस ने लगभग पांच घंटे के बाद दोनों को छोड़ दिया।
क्या कहते हैं सिविल लाइन चौकी प्रभारी
सिविल लाइन चौकी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि संदेह के आधार पर बस स्टैंड पर घूम रहे एक विदेशी तथा उसके सहयोग से खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ की, लेकिन बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया।