18जेएनडी06-घर-घर जाकर अभियान चलाते हुए जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। स्रोत विभाग
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जींद। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम ने गांव सुरजाखेड़ा व बरसोला में पहुंचकर पेयजल की जांच की। जिला सलाहकार रणधीर मताना ने कहा कि अस्वच्छ जल बीमारियों का घर है। बरसात के मौसम में होने वाली डेंगू, मलेरिया व डायरिया जैसी बीमारियों इसके कारण फैलती हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग की संयुक्त टीम सुबह 10 बजे गांव बरसोला के जलघर/ट्यूबबेल पर पंहुची। टीम ने वहां पर पेयजल आपूर्ति में सप्लाई की जा रही क्लोरिनेशन चेक की जो सही पाई गई। इसके बाद टीम ने पानी के बैक्टीरियोलॉजिकल व कैमिकल जांच के लिए सैंपल लिए।
टीम ने जल घर में क्लोरिनेशन डोजर के साथ-साथ साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया। इसके बाद टीम गांव में घर-घर पहुंची व क्लोरिनेशन के सैंपल लिए। खंड समन्वयक दिनेश मलिक ने कहा कि सभी पेयजल उपभोक्ताओं को अपने पेयजल नलों पर टेप लगानी चाहिए।
जरूरत के मुताबिक जल का उपयोग करके नल को बंद कर देना चाहिए। पेयजल कनेक्शन के आसपास साफ-सफाई रखनी चाहिए और पाइप लाइन से अपने मकान तक काली पाइप की बजाए अच्छी प्लास्टिक की पाइप का प्रयोग करना चाहिए ताकि उसमें किसी प्रकार की लीकेज नहीं हो। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805678 के बारे में जागरूक किया गया। संवाद