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आयुष्मान योजना में गलत नाम ठीक करवाने के लिए लोग काट रहे चक्कर

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आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के लिए नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 150 लोग आ रहे हैं। इनमें से 20-25 लोग ऐसे होते हैं, जिनका आधार कार्ड, राशन कार्ड व प्रधानमंत्री पत्र में नाम एक जैसा नहीं होता। जिसकी वजह से इन लोगों को अपना नाम ठीक करवाने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे लोगों के नाम मजिस्ट्रेट द्वारा सत्यापित स्वयं के घोषणा पत्र देने पर ठीक किए जा रहे हैं। इसके लिए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा नए सदस्य का नाम योजना में जुड़वाने का जिला स्तर पर कोई प्रावधान नहीं है।
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गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए 15 दिन से काट रही हूं चक्कर : भरवाई
राम कॉलोनी निवासी 65 वर्षीय भरपाई ने कहा कि वह पिछले 15 दिन से नागरिक अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत अपना गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए चक्कर काट रही हूं। उसके आधार कार्ड में उसका नाम भरपाई है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के तहत उसे जो प्रधानमंत्री पत्र मिला है, उसमें उसका नाम भरथो लिखा हुआ है। कई दिन तक तो उसे यह नहीं पता चला कि उसका योजना में भरथो के नाम से रिकॉर्ड है। जब पता चला तो उसका गोल्डन कार्ड नहीं बना। अब उसने मजिस्ट्रेट से सत्यापित स्वयं का घोषणा पत्र दिया है, जिसके तहत उसका नाम भरपाई उर्फ भरसो के नाम से दर्ज हुआ है।
नाम बदलवाने व अन्य का नाम जुड़वाने को भटक रहा हूं : सूरजभान
इसी प्रकार का मामला कृष्ण कॉलोनी निवासी सूरजभान का है। सूरजभान का नाम आधार कार्ड में भानड़ा लिखा है। उसे आसपास के लोग इसी नाम से जानते हैं, जबकि आयुष्मान भारत योजना में उसका नाम सूरजभान दर्ज है। उसने भी स्वयं का घोषणा पत्र दिया है। गोल्डन कार्ड बनाने वालों ने उसे एक सप्ताह का समय दिया। उसके बाद उसका गोल्डन कार्ड बनेगा। इसके अलावा अपने परिवार के नए सदस्य का नाम दर्ज करवाने के लिए भी लोग भटक रहे हैं।
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बेटी का नाम दर्ज करवाने को भटक रही मंजू
दुर्गा कॉलोनी निवासी मंजू ने कहा कि उसके परिवार में पांच लोग हैं। प्रधानमंत्री पत्र में उसकी दो वर्षीय बेटी मनीषा का नाम नहीं है। अब वह अपनी बेटी मनीषा का नाम भी आयुष्मान भारत योजना में दर्ज करवाने के लिए भटक रही है।
जैजैवंती व जुलाना में लगाया कैंप
आयुष्मान भारत योजना के मैनेजर विवेक ने बताया कि बुधवार को जुलाना तथा जैजैवंती गांव में शिविर लगाकर लोगों को आयुष्मान भारत योजना के बारे में जागरूक किया गया। इसके तहत गांव के लोगों के नाम डाटाबेस में चेक भी किए गए।
मजिस्ट्रेट द्वारा सत्यापित घोषणा पत्र से ही हो रहे नाम ठीक
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी डॉ. अजय चालिया ने कहा कि काफी लोगों के नाम बदले हुए पाए जा रहे हैं। किसी के नाम की स्पेलिंग गलत है तो किसी का नाम कुछ और है। ऐसे लोगों के नाम ठीक करवाने के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा सत्यापित स्वयं का घोषणा पत्र लिया जाता है। इसके बाद उनके नाम ठीक किए जा रहे हैं। नए सदस्य का नाम जुड़वाने के लिए फिलहाल कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं। प्रधानमंत्री में जो नाम हैं, उनका ही गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है।
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