जिलाधीश डॉ. आदित्य दहिया ने धान की फसल के अवशेष जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इन आदेशों का उल्लंघन करने वाले किसानों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए जिलाधीश ने कृषि विभाग के 63 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है, जो फसल अवशेष जलाने वाले किसानों की निगरानी करेंगे।
डॉ. दहिया ने कहा कि फसल की कटाई के बाद किसान अवशेषों को जला देते हैं। इससे निकलने वाला धुआ या स्मॉग लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इससे पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ता है तथा जमीन में मित्र कीट भी प्रभावित होते हैं। इससे आगामी फसल के उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण द्वारा फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। कोई किसान फसल अवशेष जलाता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, वायु बचाव एवं प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिले के प्रत्येक गांव में निगरानी करने के लिए जिलाधीश ने कृषि विभाग के 63 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। प्रत्येक कर्मचारी को पांच-पांच गांव दिए गए हैं।