नागरिक अस्पताल में कार्यरत बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश दहिया शराब पीकर अस्पताल पहुंचे। बच्चों का इलाज करवाने आए लोगों के साथ उन्होंने अभद्रता की। जब लोगों को उनके कमरे से शराब की बदबू आई तो उन्होंने बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना मिलने के बाद डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने डॉ. दिनेश दहिया के नाम की कटने वाली रजिस्ट्रेशन स्लिप बंद करवाई और मरीजों को खुद देखना शुरू किया। इसके बाद एमएस डॉ. गोपाल गोयल डॉ. दिनेश दहिया के कक्ष में पहुंचे और उन्हें अपनी गाड़ी में उनके घर पहुंचा दिया। सिविल सर्जन ने डॉ. दिनेश दहिया से इस बारे में जवाब मांगा है।
जानकारी के लिए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश दहिया अभी दस दिन पहले ही नागरिक अस्पताल आए हैं। चार दिन पहले ही उन्होंने नागरिक अस्पताल में आना शुरू किया है। शुक्रवार को चिकित्सकों ने दो घंटे की हड़ताल की थी। डॉ. दिनेश दहिया लगभग नौ बजे अपने ओपीडी कक्ष में पहुंचे और बच्चों को देखना शुरू किया। जब एक-दो अभिभावकों ने अपने बच्चों को दिखाया तो उन्हें चिकित्सक कक्ष से शराब की बदबू आई। इसके बाद चिकित्सक का जब व्यवहार देखा तो उन्हें पता चला कि डॉ. दिनेश दहिया ने शराब पी हुई है। चिकित्सक कक्ष के बाहर मौजूद अभिभावकों ने हंगामा शुरू कर दिया। जब डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला को मामले का पता चला तो उन्होंने डॉ. दिनेश दहिया के नाम की रजिस्ट्रेशन पर्ची को बनवाना बंद कर दिया। उनके कक्ष के बाहर खड़े मरीजों को अपने कक्ष में बुलाकर इलाज शुरू किया। एमएस डॉ. गोपाल गोयल ने चार सुरक्षा कर्मियों को भेजकर डॉ. दिनेश दहिया को अपने कक्ष में बुलाना चाहा तो उन्होंने उनके साथ गाली-गलौज किया। इसके बाद खुद डॉ. गोपाल गोयल डॉ. दिनेश दहिया के पास पहुंचे और उन्हें चिकित्सक कक्ष से निकालकर अपनी गाड़ी में उनके घर पहुंचाया। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
चिकित्सक से जवाब मांगा गया है
कुछ अभिभावक अपने बच्चों का इलाज करवाने आए थे। चिकित्सक के शराब पीने की शिकायत अभिभावकों ने उनसे की थी। इसके बाद चिकित्सक को घर छुड़वाया दिया। इस बारे में डॉ. दिनेश दहिया को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया है।
-डॉ. शशि प्रभा, सिविल सर्जन।