14जेएनडी11: जींद की अनाजमंडी में लगी पीआर धान की ढेरियां।
जींद। इस बार जिले में धान बेचने में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले एक सप्ताह तक मंडियों में पीआर धान को नमी के नाम पर नहीं खरीदा गया। जब किसानों ने नरवाना मंडी को ताला लगाया को खरीद शुरू हो पाई, मगर जींद मंडी में 17 दिन बाद सोमवार को यह काम शुरू किया गया। अब किसानों को खरीदे गए धान की पेमेंट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
जिले की 14 अनाज मंडियों में 11741 किसानों का सोमवार तक 687730 क्विंटल पीआर धान खरीदा जा चुका है। बेचे गए इस धान की कीमत 1 अरब 59 करोड़ 55 लाख रुपये बनती है। सरकार ने आदेश दिया है कि धान खरीदने के 72 घंटे के अंदर किसानों को पेमेंट करना है, लेकिन एजेंसियों की खरीद करके उठान नहीं करने की लापरवाही के कारण सरकार के नियमों पर पानी फेरा जा रहा है। इसके चलते किसान आढ़तियों के पास रुपये कब खाते में आएंगे, इसकी जानकारी लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं। यहां पर भी किसानों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। इस बार जिले में मिलर्स की हड़ताल ने शेड्यूल बिगाड़ दिया है। हड़ताल के चलते खरीद एजेंसियों ने भी पीआर धान की खरीद समय पर नहीं की है।
जींद अनाज मंडी में 17 दिन बाद शुरू हुई खरीद
जींद की अनाज मंडी में सरकार के निर्देश के 17 दिन बाद पीआर धान की खरीद शुरू हो पाई है। अब तक जींद की अनाज मंडी में 11070 क्विंटल की आवक हुई है। सोमवार शाम को नाम मात्र ही एकाध ढेरी की खरीद की गई। इस मंडी में बीते कई दिनों से आवक भी बढ़ी हुई थी, लेकिन अभी खरीद शुरू होने के बाद किसानों को पेमेंट के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। इस पर सरकार और जिला प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है।
पीआर धान की खरीद के बाद उठान समय पर नहीं होने के कारण किसानों की पेमेंट में देरी हुई है। उम्मीद है कि मंगलवार को खरीदे गए पीआर धान की पहली पेमेंट किसानों के खाते में लगभग दस करोड़ रुपये की डाल दी जाएगी। कुछ मंडियों में धान की आवक ज्यादा है तो उठान के अनुसार ही किसानों के खातों में पेमेंट डाल दी जाएगी। इसके लिए मुख्यालय स्तर से प्रक्रिया चल रही है। -राजेश आर्य, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, जींद।
14जेएनडी11: जींद की अनाजमंडी में लगी पीआर धान की ढेरियां।