संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में शुक्रवार को जिलास्तरीय विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उचाना के विधायक देवेंद्र अत्री ने कहा कि 14 अगस्त केवल कैलेंडर की तारीख नहीं बल्कि देश के इतिहास में दर्ज विभाजन की उस दुखद त्रासदी का अध्याय है। इसने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान केवल देश का भौगोलिक बंटवारा नहीं हुआ, बल्कि लोगों के दिल, सपने, रिश्ते और विश्वास भी बंट गए। विधायक ने कहा कि असंख्य लोगों ने हिंसा और विस्थापन का असहनीय दर्द झेला। भारतीय माताओं और बहनों ने भी विभाजन की पीड़ा को गहराई से सहन किया। उस दौर की घटनाओं को याद करने पर करुणा और संवेदना के भाव स्वत: पैदा होते हैं।
उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पीड़ितों और अपनों से बिछड़े परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के साथ इतिहास से सीख लेकर मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं का आह्वान किया कि वह विभाजनकारी मानसिकता से ऊपर उठकर देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में योगदान दें।
उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने विपरीत परिस्थितियों में स्वतंत्र भारत के निर्माण में संघर्ष, त्याग और अदम्य साहस का परिचय दिया। उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। एकता में शक्ति है और इसी अवधारणा में देश का विकास निहित है।
कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से डीसी डॉ. वैशाली शर्मा, एडीसी प्रदीप कुमार और एसडीएम जींद सत्यवान सिंह मान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। विभाजन के प्रत्यक्ष साक्षी संतलाल चुघ, सोहन लाल और चमन लाल प्ररूथी ने अपने अनुभव साझा किए।
स्वास्थ्य कारणों से डॉ. एके चावला, एनएल मिगलानी और चमन लाल ग्रोवर ने दूरभाष के माध्यम से संदेश दिए। मुख्य अतिथि ने विभाजन की विभीषिका के इन साक्षियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर नगराधीश मोनिका रानी, नगर परिषद चेयरपर्सन डाॅ. अनुराधा सैनी, मुख्यमंत्री के मीडिया कोऑर्डिनेटर अशोक छाबड़ा मौजूद रहे।