28जेएनडी11: जोनल स्तरीय सीआरई कार्यक्रम में प्रमाण पत्रों के साथ प्रतिभागी, रिसोर्स पर्सन और अन
जींद। भिवानी रोड स्थित रिहैबिलिटेशन एंड रिसर्च सेंटर में रविवार को भारतीय पुनर्वास परिषद के तीन दिवसीय जोनल स्तर पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम का समापन हुआ। इसमें सभी रिसोर्स पर्सन ने अधिगम क्षमता वाले बच्चों के जल्द मूल्यांकन और हस्तक्षेप कार्यक्रम के महत्व पर जोर दिया।
रिसोर्स पर्सन एवं शिक्षा विशेषज्ञ अक्षय शर्मा ने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक और सामाजिक सफलता में माता-पिता का बहुत बड़ा योगदान होता है। वे कई तरीकों से उनकी मद्द कर सकते हैं। लेक्चरर दीप्ति ने कहा कि माता-पिता को कठिनाइयों के बारे में जागरूक रहना चाहिए और बच्चे को कौशल सीखने में प्रयास करना चाहिए।
विशेष शिक्षा विशेषज्ञ दीक्षेश ने कहा कि माता-पिता को विशेष अधिगम संबंधी कठिनाइयों वाले बच्चों से अपनी अपेक्षाएं कम करनी चाहिए और उनके बच्चों के परिवारों के सामाजिक सहायता नेटवर्क को बढ़ाना चाहिए। संस्थान निदेशक डॉ. आशुतोष ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
मौके पर दर्पण सोसायटी के सदस्य डॉ. राजेश्वर, अर्चना, डॉ. आशुतोष, कोऑर्डिनेटर अमित, सहायक प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र सिंह, लेक्चरर दीप्ति, मीनू शर्मा, रितु, ऑडियोलॉजिस्ट वरुण गर्ग, साइकोलॉजिस्ट डॉ. मनीष, विशेष शिक्षक भारती, प्रमोद, सुनैना, राजबीर, अर्चना और पूजा मौजूद रही।