नए सत्र के पढ़ाई शुरू होने को है। वहीं निजी स्कूलों की मनमानी आए दिन अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। हालांकि, सरकार ने दोबारा फीस नहीं लेने के आदेश दिए हैं, लेकिन स्कूल सरकार के आदेश मानने को तैयार नहीं हैं। शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी को निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों ने शिकायत की। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा मंत्री ने कहा है, कि कोई भी स्कूल विद्यार्थी से दोबारा दाखिला फीस वसूल करता पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दो जमा पांच जन आंदोलन मुद्दे के सदस्यों ने निजी स्कूलों द्वारा वसूल की जा रही दोबारा दाखिला के खिलाफ मोर्चा खोला। अभिभावकों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही। एक तरफ बच्चों का भविष्य व दूसरी तरफ निजी स्कूलों की मनमानी को देखते हुए अभिभावकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। अभिभावकों ने कहा कि अगर जल्द ही शिक्षा मंत्री से इस संबंध में मुलाकात की जाएगी।
दो से 20 हजार रुपये तक फीस
निजी स्कूलों की ओर से दो से 20 हजार रुपये तक एडमिशन फीस ली जाती है। इसमें अभिभावकों की शिकायत है कि जिस स्कूल में बच्चा पहले से पढ़ रहा है, वहीं अगली कक्षा में दाखिला कराने पर यह फीस नहीं ली जाए। इससे हर साल अभिभावकों पर भारी-भरकम बोझ पड़ता है।
दोबारा दाखिला फीस कर रहे वसूल
दो जमा पांच जन आंदोलन मुद्दे की जिलाध्यक्ष सुमन श्योराण ने कहा कि निजी स्कूल अब तो अपनी पूरी तरह से मनमानी पर उतर आए हैं। जब विद्यार्थी एक स्कूल में दोबारा दाखिला लेता है, तो उससे दाखिला फीस वसूल की जा रही है। स्कूलों की मनमानी के खिलाफ खंड शिक्षा कार्यालय में शिकायत दी गई है।
दो बच्चों की फीस लगी 80 हजार
निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगनी चाहिए। मैंने शहर के एक प्रसिद्ध स्कूल में अपने दो बच्चों का एडमिशन प्राइमरी विंग में कराया है। इसके लिए मुझे 80 हजार रुपये भरने पड़े। एडमिशन फीस, किताबों और वर्दी के नाम पर हो रही ठगी पर रोक लगनी चाहिए।
रामनिवास, अभिभावक
ले रहे दोबारा दाखिला फीस
मेरे चार बच्चे निजी स्कूल में पढ़ते हैं। सिमरन नौवीं कक्षा में, पूजा सातवीं कक्षा में, आदित्य दूसरी कक्षा में हैं। अब दाखिला फीस दोबारा ली जा रही है। स्कूलों मनमानी से परेशान हो कर खंड शिक्षा कार्यालय में शिकायत की गई है। मनमानी करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाए।
आशीष, अभिभावक
निजी स्कूल कर रहे मनमानी
पहले से ही नियम 134ए के तहत आवेदन जमा करवाने में परेशानी आ रही है। वहीं, आए दिन निजी स्कूल अपनी मनमानी कर रहे हैं। यहां तक कि वे सरकार के फैसले की भी कोई परवाह नहीं कर रहे।
सुनीता, अभिभावक
क्या है नियम
अगर कोई विद्यार्थी किसी भी स्कूल में पढ़ रहा है, तो विद्यार्थी को बार-बार दाखिला फीस देने जरूरत नहीं है। अगर विद्यार्थी अपना स्कूल बदलना चाहता है। तो दाखिला फीस देनी होगी। और विद्यार्थी एक सत्र खत्म होने के बाद उसी स्कूल में दूसरे सत्र के दाखिला चाहता है, तो दोबारा दाखिला फीस वसूल नहीं की जा सकती।
मनमानी करने वाले स्कूलों होगी सख्त कार्रवाई
अभिभावकों की काफी स्कूलों के खिलाफ शिकायत आई है कि निजी स्कूल दाखिला फीस एक विद्यार्थी से दोबारा ली जा रही है। जिन स्कूलों की शिकायत आई है, उन स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिणिता मधोक, खंड शिक्षा अधिकारी जींद।
एडमिशन फीस लेना गलत
यदि स्कूल एडमिशन फीस दोबारा ले रहे हैं तो यह गलत है। अधिकतर स्कूल भवन, बिजली, कंप्यूटर, लैब और अन्य मरम्मत की फीस लेते हैं। यह फीस साल में एक बार ली जाती है। कुछ लोग इसी को एडमिशन फीस समझते हैं।
- नरेश बराड़, जिलाध्यक्ष प्राइवेट स्कूल संघ