चुनावी समर में जहां प्रत्याशी विरोधियों को मात देने के लिए जोड़ तोड़ कर रहे हैं, वहीं नरवाना उपमंडल के सुलहेड़ा गांव के लोगों ने आपसी सहमति से गांव की 10वीं पास बहु नमिता को सरपंच पद का उम्मीदवार चुन लिया है। इसके लिए मंगलवार को गांव में पंचायत हुई और पूरी पंचायत पर सहमति बना ली।
हालांकि अभी आधिकारिक रूप से विजेताओं के नाम का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन ग्रामीणों की सहमति बनी है कि जिनके नामों को अंतिम रूप दिया गया है, वे ही नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
सुलहेड़ा गांव इस बार सरपंच के लिए सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। हर बार की चुनावी खींचतान से बचने के लिए इस बार सर्वसम्मति बना ली है। ग्रामीणों के अनुसार हालांकि चुनाव में कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ, लेकिन काफी जोर लगते रहे हैं। इसमें उम्मीदवारों के मोटे खर्च भी होते रहे हैं। गांव में दो गुट होने की वजह से वर्षों से पंचायत चुनाव में आपसी टकराव होते आए हैं।
24 वर्षीय नमिता भी खुश
नवनियुक्त सरपंच पद की उम्मीदवार नमिता के अनुसार छोटी सी उम्र में ही गांव के बुजुर्गों ने उस पर विश्वास जताया है। इस विश्वास पर खरा उतर कर अपने गांव के लिए विकास कार्य करवाना ही उनका लक्ष्य रहेगा। विशेष महिलाओं के उत्थान के लिए काम किया जाएगा।
गांव ने ली बेटी बचाने और पढ़ाने की शपथ
पंचायत में पूरी ग्राम पंचायत के लिए नाम तय करने के बाद ग्रामीणों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की शपथ भी ली। वहीं नमिता का कहना है कि इस मुहिम के साथ लोगों को जोड़ा जाएगा।
नैन समुदाय ने की पहल
गांव में मुख्य रूप से दो गोत्र समुदाय होने के कारण हर बार चुनाव में होते आ रहे विवाद को टालने के लिए अबकी बार नैन समुदाय ने पहल करते हुए घणघस गोत्र को सरपंची की सौगात दी। दोनों गुटों ने आपस में बैठकर भविष्य में गांव की भलाई के लिए विकास पर चर्चा की।
पूरे गांव ने किया फैसला
गांव की सभी जातियों के लोगों की पंचायत हुई और इसमें नमिता को सरपंच चुनने का फैसला हुआ है। गांव में हमेशा ही कड़ा मुकाबला रहा है। पिछले चुनाव में मैं स्वयं महज सात वोट से जीता था। इस बार गांव ने पूरी पंचायत पर ही सर्वसम्मति बना ली है।
बलराज, निवर्तमान सरपंच
विकास की राह पर गांव
इस पहल से साफ हो गया है कि गांव विकास की राह पर है। सभी मतभेदों को भुलाकर लोगों ने यह सराहनीय पहल की है। आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे।
सुरेश नैन ग्रामीण