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Jind News: बारिश नहीं होने से सूखने लगी धान की पौध

Tue, 23 Jul 2024 02:45 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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22जेएनडी35 : धनोरी गांव में बारिश नहीं होने के कारण सूखे धान के खेत। संवाद
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जींद। जिले में बारिश नहीं होने से हालात बिगड़ रहे हैं। जिले में 26 जून के बाद बारिश नहीं हुई है। ऐसे में धान की फसल प्रभावित हो रही है। काफी किसानों ने बारिश नहीं होने के कारण धान की रोपाई का कार्य रोक दिया है। वहीं खेतों में ट्यूबवेल चलने व गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ती जा रही है। रविवार को जिले में 122 लाख यूनिट की खपत हुई। यदि कुछ दिन और बारिश नहीं हुई तो जो धान की फसल लगाई गई, उसको काफी नुकसान हो जाएगा।
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जिले में 25-26 जून को 37 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद जिले में बारिश नहीं हुई। बीच में दस जुलाई के आसपास एक बार उचाना व नरवाना में हल्की बारिश हुई थी। काफी समय से बारिश नहीं होने के चलते अब फसलें प्रभावित होने लगी हैं। कृषि विभाग प्रतिदिन बारिश होने की भविष्यवाणी करता है। वहीं फोन में भी लोग प्रतिदिन बारिश होने के संकेत देखते हैं, लेकिन बारिश नहीं हो रही। किसानों ने भी बारिश की उम्मीद होने के कारण खेतों में धान की रोपाई शुरू की थी। अब बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल प्रभावित हो रही है। वहीं काफी किसानों ने अपनी धान की रोपाई का कार्य बारिश नहीं होने के कारण स्थगित करना पड़ा है। यदि इस सप्ताह बारिश नहीं हुई तो धान की फसल को नुकसान होने लग जाएगा। बारिश नहीं होने व उमस भरी गर्मी के कारण बिजली की खपत भी बढ़ने लगी है। जिले में शनिवार को 124 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई थी जबकि रविवार को 122 लाख यूनिट। अब तक यह बिजली की खपत रिकार्ड है।
46 डिग्री सेल्सियस तापमान जैसी गर्मी
सोमवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमस के कारण गर्मी 46 डिग्री सेल्सियस जैसी महसूस हो रही थी। हवा की गति 13 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। हवा में नमी की मात्रा 67 प्रतिशत रही, जिसके कारण उमस भरी गर्मी अधिक परेशान करती रही।
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अगले पांच दिन बारिश के लिए विशेष रहेंगे। प्रदेश में अच्छी बारिश की उम्मीद है। किसानों को बारिश होने तक धान की रोपाई का काम रोक देना चाहिए। जो धान की रोपाई की गई है, पहले उसी की देखभाल पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। -डॉ. राजेश कुमार, मौसम वैज्ञानिक

22जेएनडी35 : धनोरी गांव में बारिश नहीं होने के कारण सूखे धान के खेत। संवाद

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